विद्यावती कॉलेज ऑफ फार्मेसी के चेयरमैन विद्यानिधि मिश्रा के ड्राइवर इंद्रमणि तिवारी की हत्या कर गाड़ी लूटने के मामले में फास्टैग पुलिस के लिए बड़ा मददगार साबित हुआ है। यह पहली आपराधिक घटना है, जिसके खुलासे के लिए टोल टैक्स वसूली की यह तकनीक बड़ी कारगर साबित हो रही है। पुलिस ने एक बदमाश को गिरफ्तार करके फार्च्यूनर को बरामद कर लिया है जबकि फरार बदमाशों की तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि सभी बदमाशों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
गाड़ियों से टोल टैक्स वसूलने के लिए नेशनल हाइवे अथारिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने फास्टैग की व्यवस्था शुरू की है। इसका स्टीकर गाड़ी के आगे लगा दिया जाता है, जिसमें चिप लगी रहती है। टोल नाके से गाड़ी के गुजरते ही टैक्स अपने आप गाड़ी मालिक के एकाउंट से कट जाता है। इसमें गाड़ी को टोल पर ज्यादा रुकना नहीं पड़ता है और समय की बचत होती है। ओरछा में विद्यानिधि मिश्रा के ड्राइवर की हत्या कर गाड़ी लूटकर भागे बदमाशों तक पहुंचने में चिप मददगार साबित हुई।
पुलिस के मुताबिक घटना के लगभग दो घंटे बाद गाड़ी ग्वालियर के बामौर टोल प्लाज से गुजरी थी। यहां फास्टैग के जरिये टोल टैक्स की कटौती हुई। टैक्स कटने का मैसेज विद्यानिधि के पुत्र मानस मिश्रा के मोबाइल पर आया। उन्होंने इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी। ओरछा पुलिस ने ग्वालियर पुलिस से संपर्क साधा। आगे भी चौकसी बढ़ा दी गई। मुरैना में गाड़ी के पहुंचते ही पहले से सतर्क पुलिस ने नाकाबंदी कर गाड़ी को रोक लिया। एक बदमाश पुलिस के हत्थे चढ़ गया, जबकि दो भागने में कामयाब रहे। पुलिस ने लूटी गई गाड़ी भी बरामद कर ली है।