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नगर निगम के सौ ठेकेदारों को नोटिस

Sun, 06 Nov 2016 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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nagar nigm, jhansi news - फोटो : demo
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नगर निगम से वर्क आर्डर जारी होने के बाद भी छह महीने तक काम शुरू नहीं करने वाले सौ ठेकेदारों को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में कार्य शुरू करने के लिए एक सप्ताह की मोहलत दी गई है, यदि इसके बाद भी कार्य शुरू नहीं किया गया तो उनकी सिक्योरिटी जब्त की जाएगी।
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नगर निगम में करीब सवा सौ ठेकेदार पंजीकृत हैं, जो नाली, सड़क व पार्कों के निर्माण कार्य करते हैं। नगर निगम द्वारा निकाले गए कई कार्य वर्क आर्डर जारी होेने के कई महीने बाद भी शुरू नहीं हुए। पार्षदों द्वारा इसकी नियमित शिकायत अफसरों से की जा रही थी। पिछले दिनों हुई कार्यकारिणी की बैठक में भी यह मुद्दा उठा था, जिसमें पार्षदों ने बताया था कि बकरा मंडी में एक सड़क का टेंडर एक साल पहले हो गया था, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हो सका है।इसे संज्ञान में लेते हुए नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए थे।
विभाग ने अलग-अलग चरणों में पहले 70 और फिर 30 ठेकेदारों को नोटिस जारी कर दिए हैं। अधिशासी अभियंता एके शर्मा ने बताया कि नोटिस में ठेकेदारों से कहा गया है कि एक सप्ताह में काम शुरू कर दें। अन्यथा सभी टेंडर निरस्त कर सिक्योरिटी मनी जब्त कर ली जाएगी।
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फाइल गुम
वार्ड नंबर 25 हीरापुरा के पार्षद कृष्णकांत ने नगर आयुक्त को शिकायती पत्र देकर बताया कि उनके वार्ड के मुहल्ला प्रतापपुरा में सड़क पर एपेक्स लगाने के कार्य का टेंडर करीब सात लाख रुपये में हुआ था। पहली बार में कोई ठेकेदार टेंडर डालने नहीं आया था, तो दुबारा टेंडर डाला गया। अब कार्यालय से उस काम की फाइल गुम हो गई है। नगर आयुक्त ने मुख्य अभियंता आरके वर्मा से जानकारी मांगी, लेकिन वह भी कुछ नहीं बता सके। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही फाइल को खोज लेंगे, यदि नहीं मिली तो फिर से तैयार कराएंगे।
छह माह से लटका काम
वार्ड नंबर 22 ईसाई टोला प्रथम की पार्षद भारती सिद्धार्थ ने नगर आयुक्त को शिकायती पत्र देकर छह माह से लंबित पड़े वार्ड में विकास कार्य शुरू नहीं होने की शिकायत की। उन्होंने कहा कि मुहल्लेवासी सड़क और नाली निर्माण कराने की मांग कर रहे हैं। नगर आयुक्त ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।

हस्ताक्षर का इंतजार कर रहीं 75 फाइलें 
करीब डेढ़ माह पूर्व हुए 75 से अधिक विकास कार्यों की फाइलें हस्ताक्षर नहीं होने के कारण अब तक लंबित पड़ी हैं। पार्षद विभाग के चक्कर लगा रहे हैं कि जल्दी से जल्दी काम शुरू हो जाए, ताकि चुनाव के दौरान आचार संहिता का कोई असर न पड़े, लेकिन मुख्य नगर लेखा परीक्षक कार्यालय में फाइलें हस्ताक्षर के इंतजार में अटकी पड़ी हैं। हस्ताक्षर कब होंगे, पार्षदों को यह बताने वाला कोई नहीं है। इस कारण वह सीधे नगर आयुक्त से शिकायत कर रहे हैं।
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