झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में डिजिटल एक्सरे और एमआरआई मशीन फिर से खराब हो गई है। मशीनें खराब होने की वजह से मरीज निजी केंद्रों पर जाकर जांच काने के लिए मजबूर हैं। हालांकि, डिजिटल एक्सरे मशीन को सुधारने का प्रयास इंजीनियर कर रहा है।
नवंबर में ही मेडिकल कॉलेज का रेडियोलॉजी विभाग पटरी पर आया था और एमआरआई, सीटी स्कैन और डिजिटल एक्सरे मशीन सुधर गई थीं। इससे पहले लंबे समय से तीनों मशीनें खराब पड़ी हुई थीं। मशीनें खराब होने की वजह से मरीज वर्ष 2019 में सवा करोड़ रुपये से अधिक की जांचें बाहर से करा चुके थे। अमर उजाला ने इस मामले का प्रमुखता से उठाया था। शासन स्तर तक मामला पहुंचने के बाद जांच व्यवस्था पटरी पर लौट आई थी। अब फिर से रेडियोलॉजी विभाग बेपटरी होने लगा है। पांच दिनों से डिजिटल एक्सरे मशीन खराब पड़ी हुई है। हालांकि, तीन दिनों से इंजीनियर मशीन सुधारने का प्रयास कर रहा है। कुछ पार्ट्स कंपनी से मंगवाए भी गए हैं। यह मशीन सुधर भी नहीं पाई थी कि शुक्रवार को एमआरआई मशीन भी बैठ गई। बताया गया कि सॉफ्टवेयर में समस्या आने के करण एमआरआई मशीन चलते-चलते बंद हो जाती है। निजी केंद्रों पर एमआरआई जांच पांच हजार रुपये में होती है, इसलिए इस मशीन का खराब होना मरीजों पर काफी भारी पड़ता है। कॉलेज प्रशासन का दावा है कि जल्द से जल्द मशीनें सुधरवा ली जाएंगी।
जांचों में काफी अंतर
जांच मेडिकल कॉलेज निजी केंद्र
डिजिटल एक्सरे 115 300
एमआरआई 2000 5000