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Jhansi News: एमपी ने तय कीं 11 गांवों की दरें, झांसी में देरी से अटका बाईपास का निर्माण

Sat, 12 Sep 2026 02:18 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
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झांसी। झांसी-ओरछा को जोड़ने वाले 15.5 किलोमीटर लंबे फोरलेन ग्रीनफील्ड बाईपास के निर्माण की राह में झांसी का एक गांव अड़चन बना हुआ है। सदर तहसील के सैंयर गांव में भूमि की दर का निर्धारण न होने से मुआवजे की राशि तय करने का आदेश अभी नहीं हुआ है। इसके विपरीत मध्य प्रदेश में परियोजना से जुड़े 11 गांवों के मुआवजे से संबंधित अवार्ड दो महीने पहले ही पारित हो चुके हैं। अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने जिला प्रशासन से सैंयर में जल्द दर निर्धारण कर मुआवजा अवार्ड पारित कराने की मांग की है।
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महानगर में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने और झांसी-ओरछा के बीच हाईवे कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए दक्षिणी हिस्से में चार लेन ग्रीनफील्ड बाईपास प्रस्तावित है। परियोजना को करीब पांच महीने पहले प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी मिल चुकी है। इस पर 631.73 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की संस्तुति के अनुसार बाईपास एनएच-44 पर बंगाय खास गांव से शुरू होकर एनएच-39 पर ओरछा तिगेला तक जाएगा। इसका निर्माण इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड में एनएचएआई कराएगा।
बाईपास के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में सैंयर गांव की भूमि का दर निर्धारण अभी बाकी है। एनएचएआई छतरपुर के परियोजना निदेशक ने झांसी के डीएम को पत्र भेजकर जल्द मुआवजा अवार्ड पारित कराने की मांग की है। एनएचएआई के मुताबिक अवार्ड लंबित होने के कारण मुआवजा राशि का वितरण और भूमि पर कब्जा लेने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। इससे परियोजना के निर्माण कार्य में अनावश्यक देरी हो रही है।
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तीन महीने में तीन पत्र, फिर भी अवार्ड लंबित
एनएचएआई ने सैंयर गांव में मुआवजा अवार्ड जल्द पारित कराने के लिए इस साल 15 अप्रैल, 29 अप्रैल और 12 जून को जिला प्रशासन को पत्र भेजे थे। इसके बावजूद अब तक अवार्ड पारित नहीं हो सका है। दूसरी ओर, मध्य प्रदेश में परियोजना से जुड़े सभी 11 ग्रामों के मुआवजा अवार्ड 10 जुलाई 2026 को पारित किए जा चुके हैं।

सैंयर गांव में चार विभागों की ओर से परिसंपत्तियों के सर्वे का काम चल रहा है। पीडब्ल्यूडी का सर्वे पूरा हो चुका है। उद्यान, वन और लघु सिंचाई विभाग का सर्वे भी जल्द पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद अगले सप्ताह गांव की भूमि की दर निर्धारित कर दी जाएगी। - पल्लवी मिश्रा, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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