अमर उजाला ब्यूरो
झांसी - बबीना। मां सिर्फ ममता की मूरत ही नहीं बल्कि समय आने पर वह चट्टान सरीखी मजबूत भी हो जाती है। देश की सरहद में तैनात जवानों की मां का मनोबल भी इन दिनों चट्टान सरीखा मजबूत है। जोखिम भरे इलाकों में अपने बेटों को देखकर इन मांओं के कलेजे नहीं कांपे बल्कि उनका कहना है कि देश की आन पर हाथ लगाने वाले दुश्मनों को नेस्तनाबूत करने के बाद ही उनके बेटे लौटें। तनाव के दिनों में भी वह रोजाना बेटों का हौसला बढ़ाती हैं। ऐसी मां पर पूरा देश गर्व करता है...
बेटा सुभाष समेले (बीएसएफ) पाकिस्तान बार्डर से सटे फिरोजपुर में तैनात है। मां के लिए बेटा हमेशा बच्चा होता है। बेटे पर मुझे हमेशा गर्व रहा है कि उस पर देश की आन-बान की जिम्मेदारी है। वह कभी देश को निराश नहीं करेगा। हमेशा अच्छा काम करेगा। - पद्या देवी
बेटा ऋषि अंबाला में तैनात है। देश सेवा के लिए सेना में भेजा था। परिवार के लोग भी सेना में हैं। हर पल खतरा रहता है। अब खतरों की चिंता करना ही बंद कर दिया। बेटा देश के लिए काम कर रहा है, हम सभी को इस पर गर्व है। - उमा देवी
मेरा बेटा अभिषेक सशस्त्र सुरक्षा बल में तैनात है। पूरे परिवार को अभिषेक पर गर्व है। शुरू से ही वह सेना में जाना चाहता था, हम लोगों ने उसे कभी नहीं रोका। उसे देश सेवा करने का मौका मिलने पर हम सभी को गर्व है। - सुमन यादव, राजापुर
बेटा पुष्पेंद्र अब मेजर है। परिवार की इच्छा के बाद पुष्पेंद्र ने सेना में गया। सेना में कठिन काम है लेकिन, हम लोगों को खुशी है कि उस पर देश की जिम्मेदारी है। पुष्पेंद्र घर जल्दी नहीं आ पाता। याद आने पर मोबाइल पर बात कर लेते हैं। - कमलेश देवी, बबीना
बेटा महेश अब सूबेदार है। सेना में जाने के लिए उसने काफी मेहनत की। मैंने भी उसको मना नहीं किया। सेना में उसके जाने पर हम लोगों को गर्व है। - श्यामा सिंह, बबीना