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नौ दिन सजेगा माता का दरबार

Mon, 12 Oct 2015 01:14 AM IST
झांसी
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झांसी। श्री दुर्गा पूजा शारदीय नवरात्र पर्व 13 अक्तूबर से प्रारंभ होगा। इस बार नवरात्र में नौ दिन होने से देश में समृद्धि का योग बनेगा। यह जानकारी ग्वालियर मार्ग स्थित श्री सिद्धेश्वर मंदिर में रविवार को पत्रकारों से बातचीत में महंत विष्णु दत्त स्वामी व धर्माचार्य हरीओम पाठक ने संयुक्त रूप से दी। 
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उन्होंने बताया कि ज्योतिष शास्त्र के अंतर्गत जब भगवान सूर्य कन्या राशि में हों तथा अश्विनी शुक्ल प्रतिपदा जिस दिन सूर्योदय पर उदित हों, उस दिन नवरात्र पर्व का प्रारंभ होता है। यह योग इस वर्ष 13 अक्तूबर को है। हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्र का विधान शक्ति उपासना द्वारा परिवार में सुख समृद्धि, आरोग्य व सुयोग्य संतान की प्राप्ति के लिए है।  उन्होंने सभी दुर्गा उत्सव समितियों से अपील की कि वह दुर्गा पंडालों में विद्युत का प्रयोग कम से कम करें।  मुख्य मार्गों पर पंडाल ऐसे निर्मित कराएं, जिससे आवागमन सुलभ हो तथा ताजिया भी सरलता से निकल सकें।  इस अवसर पर युवा ब्राह्मण महासंघ के अध्यक्ष रवीश त्रिपाठी, शीतल तिवारी, राजेंद्र तिवारी, दीपक शास्त्री, मनोज चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।  


महंत विष्णु दत्त स्वामी के मुताबिक नवरात्र सभी राशि के जातकों के लिए विशेष फलदायक हैं।  सिर्फ आवश्यकता है, विश्वास व आराधना की। तुला - नवरात्र पर इस राशि के जातक श्री गणेश का पूजन कर उनके दाएं हाथ में दूर्वा एवं पीले कनेर के पुष्प अर्पित करें, तत्पश्चात मां की पूजा करें। विद्यार्थी विद्यावान होंगे, वहीं लोगों के रुके कार्य पूर्ण होंगे। कन्या - इस राशि के जातक मां के चरणों में गुलाब तथा कमल का पुष्प प्रतिदिन अर्पित करें। वृश्चिक - शताबरी तथा दूर्वा माता के बाएं पैर पर चढ़ाएं एवं माता का आह्वान करें, कानूनी विवादों से मुक्ति मिलेगी। धनु - मां के चरणों का पंचामृत एवं गंगा से चरण प्रक्षालन करें, तत्पश्चात भक्त उसे अपने घर के चारों ओर छिड़काव करें, ऊपरी बाधा नष्ट होगी।मकर - मां की सेवा कर उनके दाएं चरण को इत्र से प्रक्षालन करें। इसके पश्चात उसे व्यापारिक संस्था एवं दुकान में छिड़काव करें, इससे व्यापार में वृद्धि होगी। कुंभ - महिला सुहाग की सामग्री के अलावा दूर्वा दूध चढ़ाएं, इससे उनके पति की आयु में वृद्धि होगी। मीन - नवरात्र के दिनों में इस राशि के जातक पकड़ी गई जीवित मछलियों को पानी में छोडे़ं। यह संख्या कम से कम 11 होनी चाहिए। इस उपाय से व्यक्ति असाध्य बीमारी से मुक्ति पा सकता है। मेष - माता के गले में मूंगा की माला चढ़ाएं, सुख संपदा मिलेगी। वृष - कमल गट्टा क ी माला से माता के मंत्र का जाप करें। इससे शत्रुओं का दमन होगा। मिथुन - माता के चरणों में पीले पुष्प की माला चंदन लगाकर समर्पित करें, गृह क्लेश का नाश होगा। कर्क - नवरात्र  में सफेद वस्त्र का दान करें। पुण्य फल के अलावा भौतिक व शारीरिक कष्ट दूर होंगे। सिंह - माता के चरणों में भोजपत्र एवं अनार का फल चढ़ाएं, इससे पारिवारिक व सामाजिक संबंध मजबूत होंगे। 
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ऐसे करें घट स्थापना  नवरात्र पर घट स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त प्रात: 7:45 बजे से है। घट स्थापना के लिए रौली से रंगे चावलों से अष्ट दल कमल बनाएं। फिर इसके ऊपर कलावा बंधा कलश रखें तथा सिंदूर से त्रिशूल बनाएं। घट पर आम के पत्ते रखकर उसमें जल भरें एवं पंचरत्न, सिक्का, पुष्प, चावल रखकर उसे ढंक दें। कलश पर चावल व कलावा बंधा नारियल रखकर माता दुर्गा का आह्वान करें।  


प्रतिमाओं को मिला अंतिम रूप महानगर के विभिन्न स्थानों पर बन रहीं मां दुर्गा की प्रतिमाओं को कारीगरों द्वारा अंतिम रूप दे दिया गया। इंतजार है सिर्फ मंगलवार का। अंतिम चरण की तैयारियों में कारीगरों ने मां की प्रतिमा को मनमोहक साज सज्जा प्रदान की। इस दौरान तालपुरा, गल्ला मंडी मार्ग, नंदनपुरा आदि क्षेत्रों में प्रतिमा निर्माण स्थलों पर खासी चहल पहल रही। 
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