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देह व्यापार में मां- बेटे को सात वर्ष की सजा

Sat, 22 Aug 2015 11:56 PM IST
ब्यूराे/अमर उजाला
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झांसी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) सुरेश चंद्र की अदालत ने शनिवार को देह व्यापार के एक मुकदमे में आरोप सिद्ध होने पर  मां -बेटे को सात वर्ष सश्रम कारावास व पांच हजार रुपये  जुर्माना किया। अर्थदंड जमा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
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पश्चिम बंगाल के मुर्सिदाबाद निवासी एक युवती (19) घर से भागकर दिल्ली आ गई थी। दिल्ली स्टेशन पर कोतवाली क्षेत्र के गुदरी बाजार निवासी रानी उर्फ हाजिरा बेगम को वह भटकती मिल गई। महिला ने युवती को बातों में फंसाया कि वह उसके घर चले। वह उसकी शादी अपने बेटे फारूख अली से करा देगी। इस पर युवती महिला के साथ उसके घर झांसी आ गई। कुछ दिन तक युवती को अच्छी तरह रखा गया, मगर इसके बाद मां बेटे ने उसे देह व्यापार के धंधे में धकेल दिया। दो महीने तक वह यह सब सहती रही।



पांच जनवरी 2014 को रानी के घर मेहमान आए थे। मां बेटे मेहमानों की खातिर में लगे थे, तभी पीड़ित युवती घर से भागकर कोतवाली पुलिस के पास पहुंच गई और उसने वहां आपबीती सुनाई। पीड़िता की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने मां बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। आरोप सिद्ध होने पर न्यायालय ने मां बेटे को सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जाहिद मंसूरी ने की।
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