झांसी। आयकर विभाग पैन नंबर की मदद से निवेश करने के उपरांत भी रिटर्न दाखिल न करने वालों की जांच कर रहा है। इनमें वह लोग शामिल हैं, जिन्होंने एक साल में बैंक से दस हजार से अधिक का ब्याज लिया है या कहीं पर निवेश किया है।
आयकर विभाग ने उन सभी के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य कर रखा है, जिन्होंने पैन नंबर (परमानेंट एकाउंट नंबर) ले रखे हैं। जिन लोगों ने वर्ष में बड़ा निवेश (जमीन, शेयर, गाड़ी आदि में) किया हो अथवा बैंक में जमा रकम पर दस हजार से अधिक ब्याज लेने के बावजूद रिटर्न नहीं भरा है उन पर कार्रवाई के लिए जांच की जा रही है। विभाग ने झांसी-ललितपुर सर्किल में ऐसे ढाई हजार लोगों को चिह्नित किया है, जिन्होंने रिटर्न दाखिल करने में रुचि नहीं दिखाई है। इन सभी को विभाग ने नोटिस भेजना शुरू कर दिया है।
मालूम हो कि केंद्रीय आयकर प्रत्यक्ष बोर्ड के निश्चित राशि से अधिक संपत्ति, सामान की खरीद फरोख्त, निवेश या किसी को सेवाएं प्रदान करने पर आवश्यक रूप से रिटर्न दाखिल करने के निर्देश हैं। आयकर दाताओं में प्रमुख रूप से नौकरी पेशा, व्यापारी, कंपनियां, बैंक व प्रतिष्ठान शामिल हैं।
25 परसेंट प्रोजेक्ट पर देना पड़ रहा एडवांस टैक्स
आयकर विभाग ने पहले बिल्डर व जमीन खरीद फरोख्त करने वालों को सुविधा दे रखी थी कि प्रोजेक्ट पूरा होने व कब्जा देने के बाद ही टैक्स जमा करें। मगर अब इस नीति में परिवर्तन कर दिया गया है। किसी भी प्रोजेक्ट के 25 प्रतिशत पूरा होने पर अब एडवांस टैक्स जमा करना पड़ रहा है।
यह टैक्स उस राशि पर बनता है तो संबंधित बिल्डर या प्रॉपर्टी डीलर द्वारा पार्टी से एडवांस किस्त के रूप में लिया है। मालूम हो कि झांसी-ललितपुर परिक्षेत्र में 50 बिल्डर व दो सौ प्रॉपर्टी डीलर हैं।