झांसी। झांसी में हर साल सौ से भी ज्यादा महिलाएं सर्वाइकल कैंसर का शिकार होती हैं। इनमें अधिकतर महिलाओं की उम्र 25 से 35 साल होती है। एचवीपी वैक्सीन लगवाकर इस बीमारी से बचाव किया जा सकता है। मगर जागरूकता के अभाव में कई महिलाएं ये वैक्सीन नहीं लगवाती हैं।
सर्वाइकल कैंसर ह्यूमन पैपिलोमा वायरस से फैलता है। स्त्री रोग विशेषज्ञ के मुताबिक नौ साल से लेकर 45 साल तक की महिला को ये वैक्सीन लगाई जाती है। इस बीमारी को रोकने के लिए नौ साल की उम्र होने के बाद लड़कियों को एचपीवी वैक्सीन लगवा लेनी चाहिए। 15 साल की उम्र तक की लड़कियों को दो डोज दी जाती हैं। पहली डोज लगने के बाद दूसरी छह महीने बाद लगती है। अगर उम्र 15 साल से अधिक है तो तीन डोज लगती हैं। पहली खुराक के बाद दूसरी एक महीने और तीसरी डोज छह महीने बाद लगती है। डॉक्टरों के मुताबिक शुरूआत में ही इस बीमारी का पता चलने पर सर्जरी कर महिला का यूटरस निकाल दिया जाता है। जबकि, मर्ज बढ़ जाने पर कीमोथेरेपी की जाती है। मेडिकल कॉलेज के कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. सचिन माहुर ने बताया कि हर साल विभाग में 500 कैंसर के मरीज आते हैं। इनमें 12 फीसदी यानी 60 से 70 मरीज सर्वाइकल कैंसर के आते हैं।
स्क्रीनिंग बढ़ने से सर्वाइकल कैंसर के मामले ज्यादा सामने आने लगे हैं। शुरूआत में पता लगने पर ऑपरेशन द्वारा बच्चेदानी निकाल दी जाती है। रोग बढ़ने पर रेडियोथेरेपी की जरूरत पड़ती है। अगर मरीज बहुत देर कर देता है तो कैंसर फेफड़े और गॉल ब्लेडर तक पहुंच जाता है। नौ साल की उम्र से 45 वर्षीय तक की महिला एचवीपी वैक्सीन लगवा सकती है। - डॉ. रजनी गौतम, स्त्री रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज।