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Jhansi News: अंधेरे में डूबे रहे 100 से अधिक गांव, शहर में भी 24 घंटे बाद नहीं सुधरे हालात

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0 मोंठ के नंदखाश गांव में गिरा 400 केवी ट्रांसमिशन टावर
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0 अम्बावाय, पहलगुवां, भोजला, बालाजी समेत एक दर्जन उपकेंद्रों पर स्थिति ज्यादा गड़बड़ाई
0 50 से अधिक खंभे टूटे, 100 से अधिक इंसुलेटर फुंके, सुधार कार्य में जुटी रही टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। रविवार दोपहर में आंधी-बारिश से लड़खड़ाई विद्युत आपूर्ति शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे बाद भी सामान्य नहीं हो सकी। शहर के सूती मिल से जुड़े एक दर्जन से अधिक मोहल्लों में बिजली संकट बना रहा, तो ग्रामीण क्षेत्रों में खंभे टूटने व इंसुलेटर फुंकने से 100 से अधिक गांव अंधेरे में डूबे रहे। टीमें सुधार कार्य में जुटी रहीं। सोमवार शाम तक अधिकांश क्षेत्र में आपूर्ति सुचारु की गई।
आंधी और इसके बाद हुई बारिश में जगह-जगह पेड़ टूटने के साथ टीन-टप्पर और होर्डिंग्स उड़ गए। गणेश चौराहा, बूढ़ा, इलाहाबाद बैंक चौराहा, उनाव गेट, दुनारा की ओर हाईवे व नगरा क्षेत्र में पेड़ बिजली के तारों पर गिरे, इससे लाइनें ध्वस्त हो गईं और आपूर्ति ठप हो गई। देर रात तक ज्यादातर क्षेत्र की आपूर्ति में सुधार कर लिया गया था, लेकिन सूतीमिल क्षेत्र से जुड़े एक दर्जन मोहल्लों की आपूर्ति सोमवार शाम को ठीक हो सकी।
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अवर अभियंता मनोज कुमार ने बताया कि अधिकांश क्षेत्र की बिजली ठीक कर ली गई थी, लेकिन बेतवा बिहार कॉलोनी जहां से 14 किमी. लंबी बिजली की लाइन है, वहां शीशम के कई लाइन पर पेड़ टूटकर गिर पड़े। सुधार कार्य रात से लेकर अगले दिन दोपहर तक चलता रहा। यहां कई इंसुलेटर भी खराब हुए। बूढ़ा एरिया में भी पोल टूटने से स्थिति गड़बड़ रही।
ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा खराब स्थिति झांसी ग्रामीण उप खंड अन्तर्गत अम्बावाय, पहलगुवां, भोजना व बालाजी क्षेत्र की रही। यहां 30 से अधिक खंभे टूटने के साथ लाइनें क्षतिग्रस्त हुईं और इंसुलेटर फुंक गए। मथनपुरा, मढ़मऊ, आरी, अथपेई, पोहरा, पढृगुवां, मढ़गुवां, रनगुवां, चिरगांव, बरुआसागर, पहलगुवां, अम्बावाय, भोजला समेत करीब 100 गांव अंधेरे में डूबे रहे। सुधार कार्य रविवार दोपहर से सोमवार दोपहर तक जारी रहा।
वहीं, मोंठ क्षेत्र से जुड़े बिजलीघर कारकोस, मोंठ, पूंछ, समथर, शाहजहांपुर व लोहागढ़ में आपूर्ति बाधित रही। सबसे ज्यादा दिक्कत कारकोस क्षेत्र के ग्राम नंदखाश में रही। यहां 400 केवी लाइन का ट्रांसमिशन टावर जमींदोज हो गया। यह देख गांव में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। कर्मियों ने सुधार कार्य शुरू कराया। इसके अलावा गुरसरांय, टहरौली, मऊरानीपुर व अन्य क्षेत्रों में भी आंशिक रूप से बिजली गुल रही।

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इन उपकेंद्रों पर ज्यादा खराब रही स्थिति
- अम्बावाय, पहलगुवां, भोजला, चिरगांव, बरुआसागर, बालाजी, करकोस, मोंठ,, गुरसरांय, गरौठा, मऊरानीपुर आदि।

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विभाग को 10 लाख से अधिक का नुकसान
- शहर से लेकर गांव तक गड़बड़ाई बिजली आपूर्ति से न केवल उपभोक्ता परेशान हुए, बल्कि विभाग को भी खासा नुकसान पहुंचा है। 50 से अधिक खंभे गिरने के साथ इंसुलेटर फुंकने व लाइनें क्षतिग्रस्त हुईं। इससे विभाग को 10 लाख से अधिक का नुकसान पहुंचने का अनुमान है।
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दावों की खुली पोल
- करोड़ों खर्च कर बिजली का ढांचा दुरुस्त करने का दावा किया जा रहा है। तार और खंभे बदले जा रहे हैं। दावा था है कि इस कार्य से बिजली व्यवस्था बेपटरी नहीं होगी, लेकिन आंधी और बारिश आते ही इन दावों की पोल खुल गई।
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वर्जन -

- आंधी-बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में काफी नुकसान पहुंचा है। 50 से अधिक खंभे गिरे, लाइनें क्षतिग्रस्त हुईं, इंसुलेटर फुंक गए। मरम्मत की जा रही है। इससे विभाग को 10 लाख तक का नुकसान होने का अनुमान है।
- ऐनुल होदा, अधीक्षण अभियंता ग्रामीण, विद्युत वितरण मंडल, झांसी।
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