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Jhansi News: रमजान मुबारक का दिखा चांद, तरावी शुरू, पहला रोजा आज

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संवाद न्यूज एजेंसी

झांसी। आज इतवार से पाक महीना रमजान शुरू हो गया है। एक माह तक पूरा माह इबादत में गुजरेगा। शनिवार को चांद दिखने के साथ ही बाजारों और मस्जिदों की राैनक बढ़ गई। लोग रमजान की तैयारियों में जुटे नजर आए। इशा की नमाज के बाद मस्जिदों में तरावीह का दाैर भी शुरू हो गया था।



शहीदेन मस्जिद में मगरिब की नमाज के बाद कमेटी ने चांद दिखने की तस्दीक की और माइक से रमजान शुरू होने का ऐलान किया। चांद की खबर पूरे शहर में फैली। देर रात तक चले मुबारकवाद के साथ ही लोगों ने सहरी और इफ्तार की खरीदारी भी। वहीं रमजान को लेकर मुफ्ती इमरान नदवी ने लोगों से अपील की कि पाबंदी से नमाज पढें और रोजा रखें। रमजान महीने में इबादत का सवाब 70 गुना बढ़ जाता है। रमजान में मुल्क की तरक्की और अमन की दुआ करें। इसके अलावा महिलाओं ने घरों में तरावीह की नमाज अदा की। मस्जिदों में नमाज-ए-तरावीह के दाैरान बच्चों की तादाद कम नहीं रही।
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क्या है रोजा



- उलमा-ए-इकराम की मानें तो 14-15 घंटों में इंसान को शारीरिक बुराई से दूर रहने का नाम रोजा है। अगर रोजा रखकर भी कोई आदमी सामाजिक और दुनियावी बुराइयों में शामिल रहता है तो उस इंसान को रोजा रखने का कोई मतलब नहीं रह जाता है।



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पहला असरा रहमत का

मुफ्ती इमरान नदवी ने बताया कि रमजान का पहला असरा रहमतों का होता है। इस दाैरान सारा वक्त इबादत में लगाएं। रमजान का दूसरा असरा मगफिरत और तीसरा असरा जहन्नुम से छुटकारे का होता है। असरा का मतलब हिस्सा होता है। रमजान को तीन असरों में बांटा गया है।

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फल, खजूर की मंडी में बहार, महंगाई की भी मार



- रमजान में खजूर से रोजा इफ्तार करने की परंपरा है। लिहाजा शहर की मंडी में खजूर की आवक काफी बढ़ गई है। यहां ईरान, महाराष्ट्र और गुजरात से खजूरों की खेप पहुंच रही है। 100 रुपये किलो से लेकर 1000 रुपये प्रति किलो तक में खजूर बिक रहा है। वहीं, फलों की बात करें तो इसके रेट में 20 से 25 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। तरबूज, सेब, संतरा और अंगूर प्रचुर मात्रा में पहुंचा है। इनकी बिक्री अभी कम हो रही है।



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जारी किए हेल्पलाइन नंबर

- यदि रोजेदारों के समक्ष रमजान को लेकर शंका और सवाल है तो इसके लिए शहीदी मस्जिद के इमाम मुफ्ती इमरान नदवी ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। इसमें उन्होंने स्वयं 8299207347 और मुफ्ती अफ्फान असदी का मोबाइल नंबर 9839987786 जारी करते हुए व्हाट्सएप पर मैसेज कर अपनी शंकाओं को दूर किए जाने की बात कही है।



साइड स्टोरी



- 10 साल में सब्र का इम्तिहान ले रहा रोजा



- 2025 में भी गर्मी में होंगे रमजान, 2026 में फिफ्टी-फिफ्टी



- 13 घंटे दो मिनट का पहला, तो 13 घंटा 45 मिनट का होगा आखिरी रोजा



झांसी। चिलचिलाती धूप और तपिश से अभी रोजेदारों को राहत नहीं मिलेगी। गत 10 सालों से जारी सब्र का इम्तिहान 2025 में भी जारी रहेगा रोजेदारों को अगले वर्ष 2026 के आधे रोजों के बाद ही राहत मिलने की उम्मीद है।
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चांद दिखने के साथ ही दो मार्च से पाक-रमजान माह की शुरूआत हो गयी है। रोजेदारों को इस बार भी गर्मी में भूखे-प्यासे रहकर खुदा की इबादत करनी होगी। यह रोजेदारों के किसी इम्तिहान से कम नहं है। हालाँकि इस साल रोजेदारों को ज्यादा भीषण गर्मी और लू के बीच रोजे नहीं रखने होंगे। दो मार्च से शुरू होकर रमजान माह एक अप्रैल को खत्म होगा। इस दरम्यान गर्मी की शुरूआत ही होगी। वर्ष 2026 से रमजान की आमद ठण्ड में होगी। इसके बाद ही रोजेदारों को गर्मी से निजात मिल सकेगी। हालाकि शुरूआत के कुछ रोजों के बाद गर्मियाँ शुरू होंगी और आधे माह के बाद फिर से गर्मियों के बीच रमजान माह होगा। 18 फरवरी से शुरू होने वाला रमजान 19 मार्च तक रहने की उम्मीद है। वर्ष 2025 में पहला रोजा जहाँ 13 घण्टे 02 मिनट, तो वहीं आखिरी 14 घण्टे 45 मिनट का होगा।



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वर्ष तारीख्र

2016 07 जून



2017 27 मई



2018 16 मई



2019 06 मई



2020 24 अप्रैल



2021 13 अप्रैल



2022 03 अप्रैल



2023 23 मार्च



2024 11 मार्च



2025 02 मार्च
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