मौसम विभाग के अनुसार, चार-पांच दिन समूचे बुंदेलखंड में बादल छाए रहने के साथ चार-पांच दिन मध्यम बारिश की संभावना है। जिस प्रकार से मानसून ललितपुर के रास्ते आया था, उसी प्रकार वापस होगा।
30 सितंबर को मानसून की विदाई अमूमन हो जाती है लेकिन बादल हैं कि वापस जाने को तैयार नहीं हैं। वापस होता मानसून दोबारा से जमीन को तरबतर करने के लिए तैयार है। मौसम विभाग के अनुसार, चार-पांच दिन समूचे बुंदेलखंड में बादल छाए रहने के साथ चार-पांच दिन मध्यम बारिश की संभावना है। जिस प्रकार से मानसून ललितपुर के रास्ते आया था, उसी प्रकार वापस होगा।
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19 जून को मानसून ने ललितपुर के रास्ते दस्तक दी थी। इसके बाद जून, जुलाई और अगस्त में जमकर मेघ बरसे। सितंबर की बात करें तो इस माह हल्की बारिश हुई। इससे लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के आदित्य सिंह के अनुसार, 14 सितंबर को मानसून ने पश्चिमी राजस्थान से वापसी शुरू की थी। अब मानसून की वापसी झांसी, वेरावल, शाहजहांपुर, भरूच, उज्जैन से हो रही है। आज से मानसून की विदाई का आकलन किया जा रहा था।
30-40 एमएम बारिश की संभावना
मौसम विशेषज्ञ के अनुसार, आगामी चार से पांच दिन तक समूचे बुंदेलखंड में बादल छाए रहेंगे और मध्यम बारिश की संभावना को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 25-30 एमएम तक बारिश होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि वापस होता मानसून दोबारा सक्रिय हुआ है। इसलिए मौसम में बदलाव आया है।
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मौसम विशेषज्ञ के अनुसार, एक साल में 850 एमएम बारिश होती है लेकिन इस बार कुल 1250 एमएम बारिश है, जो पिछले आंकड़ों के मुताबिक 400 एमएम ज्यादा है। वहीं, इन चार पांच दिनों में 25-30 एमएम वर्षा होने के बाद यह आंकड़ा 1275-1280 एमएम के आसपास पहुंच जाएगा। इसी प्रकार से ललितपुर में 805.1 एमएम नॉर्मल वर्षा का आंकड़ा है पर 1179.5 एमएम बारिश दर्ज हुई है। वहीं, जालौन में 642.7 एमएम के बजाय 686 एमएम बारिश रिकॉर्ड दर्ज हुई है। कृषि अधिकारी कुलदीप मिश्रा ने बताया कि यह बारिश धान के लिए फायदेमंद है।