मोंठ (झांसी)। बंदरों के आतंक से कसबा के लोग तो परेशान हैं ही, हद तो तब हो गई जब एक बंदर मामा मोँठ रेलवे स्टेशन की टिकट खिड़की पर लगे कंप्यूटर के कीबोर्ड पर जाकर बैठ गए। दूर खड़े स्टेशन अधीक्षक उनके हटने का इंतजार कर रहे थे तो बाहर खड़े यात्री टिकट मिलने का।
बंदर कुछ इस अंदाज में कीबोर्ड पर बैठा था कि स्टेशन मास्टर को यह फैसला करना मुश्किल हो रहा था कि टिकट कौन बनाएगा। बंदर या फिर स्टेशन मास्टर। कोई भी इस पर जबरदस्ती इसलिए भी नहीं कर रहा था,क्योंकि इसके पहले इसे भगाने के प्रयास में चार रेल कर्मियों को यह बंदर जख्मी कर चुका है। यह काट लेता है।
स्टेशन अधीक्षक आरडी साहू ने बताया कि बंदर काफी समय से परेशान कर रहा है, अगर उसे भगाया जाता है तो वह अभिलेख फाड़ देता है और लोगों को काट लेता है। टिकट खिड़की के अलावा आरपीएफ चौकी, यात्री प्रतीक्षालय, कैंटीन एवं स्टेशन परिसर में बंदर उत्पात मचाए हुए है। महत्वपूर्ण अभिलेख बचाने के लिए बंदर के सामने अखबार अथवा अन्य रजिस्ट्रर रखे जा रहे हैं। कस्बा में भी बंदरों के आतंक से लोग परेशान है। सर्दी के मौसम में छतों पर नहीं जा पा रहे है। जानकारी के अनुसार करीब एक दर्जन से अधिक बंदर कस्बे में उत्पात मचाए हुए हैं।
बंदरों के कारण कई सरकारी दफ्तरों में भी कामकाज प्रभावित हो रहा है। मोंठ रेलवे स्टेशन पर तो एक बंदर ने कब्जा कर रखा है। शुक्रवार को सुबह से रेलवे स्टेशन के टिकट घर के अंदर एक बंदर ने कब्जा कर रखा। ट्रेन आने के समय बंदर टिकट विण्डो के कंप्यूटर की कीबोर्ड पर बैठ जाता है, इसके कारण स्टेशन मास्टर टिकट भी नहीं दे पाता है।