खुले में शौच जाने वालों को शौचालय का उपयोग करने के लिए प्रेरित करने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। नेहरू युवा केंद्र और कौशल विकास मिशन के स्वयं सेवकों की टीम हाथ में लोटा लेकर खुले में शौच जाने वालों को रोक कर उन्हें इसके नुकसान बताएगी। अगले माह तक बड़ागांव ब्लाक के 45 गांवों को स्वच्छ भारत मिशन के तहत विश्व बैंक के सहयोग से खुले में शौच मुक्त बनाना है। इस योजना के तहत पहले चरण में बुंदेलखंड क्षेत्र से सिर्फ झांसी जिले को ही चुना गया है।
अब तक गांवों में केवल शौचालयों के निर्माण पर जोर दिया जाता रहा है। लेकिन, अब उनके प्रयोग पर जोर दिया जाएगा। क्योंकि, आमतौर पर ग्रामीण शौचालय तो बनवा लेते हैं, लेकिन उनका उपयोग नहीं करते हैं। कुछ दिन बाद स्थिति यह बनती है कि शौचालय में या तो कंडे भर दिए जाते हैं, या जलाऊ लकड़ियों के गट्ठर रख दिए जाते हैं। इस स्थिति से बचने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत लोगों को खुले में शौच न जाने के लिए जागरूक करने का निर्णय लिया गया है। प्रथम चरण में बड़ागांव ब्लाक को चुना गया है। ब्लाक के 45 गांवों में खुले में शौच मुक्ति के लिए अभियान चलाने के लिए विश्व बैंक से नोडल अधिकारी विनोद शर्मा झांसी आ गए हैं।
गांव खुले में शौच मुक्त हों, इसके लिए सुबह लोटा लेकर जाने वालों को गांधीगीरी से समझाया जाएगा। नेहरू युवा केंद्र, कौशल विकास मिशन के कार्यकर्ताओं पांच-पांच लोगों की टुकड़ियां बनाकर ग्रामीणों को जागरूक करेंगे। बड़ागांव ब्लाक को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) करने के बाद जिले के अन्य ब्लाकों में अभियान चलाया जाएगा।
खुले में शौच घृणित कार्य है, इससे अनेक बीमारियां होती हैं। ट्रेनिंग के बाद सभी ट्रेनर गांव-गांव जाकर लोगों को खुले में शौच से होने वाले नुकसानों के बारे में बताएंगे।
- नवनीत सिंह चहल, मुख्य विकास अधिकारी