झांसी। सोमवार को मंडलायुक्त ने सांसद निधि के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान सामने आया कि उपलब्ध धनराशि के सापेक्ष व्यय बेहद कम हुआ है। इस पर उन्होंने तीनों जनपदों के ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशकों को चेतावनी दी। साथ ही साल 2012-13 के कार्य अब तक पूर्ण न होने पर संबंधित कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि के निर्देश दिए।
कमिश्नरी सभागार में समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त के राम मोहन राव ने कहा कि सांसद निधि के कार्य भविष्य में ग्राम पंचायतों से न कराए जाएं। इस दौरान सामने आया कि जनपद में सांसद निधि की 42 परियोजनाओं के सापेक्ष 15 पूर्ण व 15 प्रगति पर हैं। जबकि, 12 परियोजनाओं के कार्य शुरू भी नहीं किए गए हैं।
उन्होंने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए काम पूरा न करने वाली संस्थाओं के खिलाफ एफआईआर के निर्देश दिए। जालौन में 167 परियोजनाओं के सापेक्ष चार पूर्ण व 167 प्रगति पर पाई गईं। ललितपुर में सांसद निधि की 25 परियोजना में से 13 पूरी मिली व 12 पर काम होता पाया गया।
मंडलायुक्त ने तीनों जिलों के सीडीओ को निर्देशित किया कि वह परियोजनाओं को स्वयं देखें व कार्य की गुणवत्ता की जांच कराएं। उपलब्ध धनराशि के खर्च के लिए सांसदों से प्रस्ताव मांगें।
इस मौके पर प्रभारी जिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह, सीडीओ ललितपुर प्रवीण कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अजय कुमार द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
जिला उपलब्ध बजट खर्च अवशेष
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झांसी 9.82 करोड़ 80 लाख 9.02 करोड़
जालौन 6.51 करोड़ 97 लाख 5.54 करोड़
ललितपुर 1.55 करोड़ 88 लाख 67 लाख
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