झांसी। गणेशोत्सव के दूसरे दिन मंगलवार को महाराष्ट्रीय समाज के गणेश मंदिर में रंगोली प्रतियोगिता, हल्दी कुमकुम एवं मराठी भाषा में हास्य विनोद से भरा नाटक ‘माझया मित्रा ची बायको’ (मेरी दोस्त की बीबी) का मंचन हुआ। कलाकारों के प्रदर्शन से दर्शक बंधे रहे।
नाटक क ी कहानी में एक व्यक्ति मरने से पूर्व अपने भाई को अपनी संपत्ति का पॉवर ऑफ अटार्नी बनाता है। ताकि वह उसके आवारा लड़के विक्की को मासिक खर्च देता रहे और निर्धारित किया कि और खर्चा बढ़ाने के लिए विक्की को शादी करना जरू री है। इसी क्रम में चाचा विक्की के घर पहुंचता है, जहां उसके दोस्त व उसकी बीवी से चाचा मिलते हैं और वह भूल से उसे बहू समझ लेते हैं। लेकिन तमाम हास्य घटनाक्रमों के बाद सच सामने आ ही जाता है।
इसके बाद विक्की अपनी गर्लफ्रेंड से शादी कर लेता है। नाटक में विक्की का अभिनय आकाश कुलकर्णी ने किया। दोस्त की बीवी की भूमिका मदुरा, चाचा की अश्वनी देवकर, गर्लफ्रेंड की भूमिका विभूति ने निभाई। निर्देशन सुधीर चिकटे ने किया। नाटक के अंत में अध्यक्ष वसंत राव मोघे ने सभी कलाकारों को स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर सचिव उज्जवल देवधर, मिलिंद देसाई, राघव इंदापुरकर, विनोद शावरीकर, किशोर पोल, सुबोध भागवत, सुरेश खेर, शरद चांदोरकर, श्रीकांत तलवलकर, राहुल खंडकर, विनम्र खंडकर, पंकज देवधर आदि मौजूद रहे।
संस्कृति व प्रतीक्षा ने जीती रंगोली प्रतियोगिता
महाराष्ट्र समाज के गणेश मंदिर में रंगोली प्रतियोगिता हुई, जिसमें प्रतिभागी बालिकाओं ने भगवान गणेश के विभिन्न स्वरूप बनाए। इसके अलावा नृत्य करती मोर, रंगोलियां भी बनाई। प्रतियोगिता के ए वर्ग में संस्कृति ने पहला, बी वर्ग में प्रतीक्षा भागवत ने पहला, सुविधा भागवत ने दूसरा अंजलि देसाई ने तीसरा, सी वर्ग में कंचन बोरवनकर ने पहला एवं साक्षी पाठक ने दूसरा स्थान पाया।
गजानन की भक्ति की धूम
गणेशोत्सव पर मंगलवार को महानगर के गणेश मंदिरों व पंडालों में भगवान गजानन की भक्ति की धूम रही। भगवान का दिव्य श्रृंगार कर भक्तों ने महा आरती की। श्री रायल सिटी वेलफेयर सोसायटी के तत्वावधान में गणपति की स्थापना रॉयल सिटी में की गई। भगवान का मनमोहक श्रृंगार कर श्रद्धालुओं ने मोहक भजन गाए। इस दौरान बच्चों ने कई सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा लिया।