जनपद के पांच ब्लाकों में 17 लाख से अधिक मानव दिवस भुगतान लंबित पड़ा हुआ है। यही नहीं, अब तक आठ विकास खंडों में 14,341 श्रमिकों का आधार कार्ड ही बनवाया गया है। इस स्थिति पर सीडीओ ने आठों विकास खंड के एपीओ (अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी) को तलब किया है।
ग्रामीणों का शहर की ओर पलायन रोकने के लिए मनरेगा संचालित की जा रही है। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से अभी तक मनरेगा भुगतान लंबित पड़ा हुआ है। इस पर सीडीओ ने नाराजगी जाहिर की है। ब्लॉक गुरसरांय में 6,275 मानव दिवस, बंगरा में 3,072, मऊरानीपुर में एक हजार, चिरगांव में 290 व बामौर में 320 मानव दिवस का भुगतान लंबित है।
यही नहीं, मनरेगा श्रमिकों के खाते आधार कार्ड से लिंक भी नहीं किए गए। गौरतलब है कि शासन ने ग्राम पंचायत अधिकारी व प्रधान की मिलीभगत से मनरेगा श्रमिकों के पारिश्रमिक में खेल किए जाने की शिकायतों को देखते हुए श्रमिकों का खाता खुलवाया था। पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से खाते को आधार कार्ड से लिंक कराने की योजना तैयार की गई थी। इस योजना के तहत जनपद के विभिन्न विकास खंडों के डेढ़ लाख मनरेगा श्रमिकों का खाता आधार कार्ड से लिंक कराने की योजना तैयार की गई थी। लेकिन, अभी तक विकास खंड मऊरानीपुर में 663, बबीना में 1529 मनरेगा श्रमिक, बड़ागांव में 2,630, बामौर में 1577, बंगरा में 2148, चिरगांव में 2211, गुरसरांय में 1471 और मोंठ विकास खंड में 2112 श्रमिकों का आधार कार्ड बन सका है। मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार के अनुसार मनरेगा श्रमिकों का आधार कार्ड बनवाकर उनके खातों को लिंक कराने में एपीओ द्वारा शिथिलता बरती गई है। इसी क्रम में सभी को मुख्यालय तलब किया गया है। उचित उत्तर नहीं दिए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।