झांसी। कोविड के चलते विधायक निधि साल भर के लिए भले निलंबित है, लेकिन क्षेत्र में काम कराने का दबाव विधायकों के ऊपर तनिक भी कम नहीं हुआ है। ऐसे में कुछ विधायकों ने काम कराने के दूसरे रास्ते तलाश लिए हैं। अगले साल निधि वापस मिल जाने के भरोसे पर विधायकों ने क्षेत्र में कई सारे कार्य अभी से शुरू करा दिए हैं, जबकि इनकी न अभी वित्तीय स्वीकृति हुई और न प्रशासनिक मंजूरी मिली है। ठेकेदारों को काम का भुगतान आगे किए जाने का भरोसा दिलाया गया है।
विधानसभा का कार्यकाल पूरा होने की उल्टी गिनती लगभग शुरू हो चुकी है। सभी पर चुनाव के मैदान में मजबूत नींव बनाने का दबाव है। इसको देखते हुए सरकार भी एक्शन में है, लेकिन विधायक निधि पास न होने से विधायक मायूस हैं। कोविड के चलते तमाम सारे कार्य भी ठंडे बस्ते में पड़े हैं, जबकि लोग रोजाना अपनी मांग लेकर विधायकों के यहां दस्तक दे रहे हैं। ऐसे में विधायकों ने भरोसे की निधि के सहारे काम शुरू करा दिया है।
जानकारों के मुताबिक कई जगहों पर गली, नाली, सड़क बिछाने का काम कराया जा रहा है, जबकि विधायक निधि में पैसा ही नहीं है। विधायक निधि का खाता खाली पड़ा हुआ है। विधायक निधि न होने के बावजूद इन विधायकों के क्षेत्र में तमाम सारे कार्य कराए जा रहे हैं। जानकारों का कहना है कि विधायक भरोसे के ठेकेदारों से काम करा रहे हैं। ठेकेदारों को भरोसा दिया गया है कि अगले साल विधायक निधि मिलने पर जो काम वे कर चुके हैं, उनका भुगतान करा दिया जाएगा। आरईएस के अभियंताओं ने भी दबी जुबान में इस तरह के कार्यों की बात मानी है।
विधायक निधि का सभी का खाता है खाली
झांसी। गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत के खाते में पिछले वर्ष तक 504.23 लाख रुपये पड़े हुए थे लेकिन उन्होंने एक करोड़ रुपये कोविड फंड में दे दिए। शेष धनराशि के कार्य पिछले वित्तीय वर्ष में स्वीकृत हो गए। गरौठा विधायक की निधि करीब-करीब खाली है।
इसी तरह मऊरानीपुर विधायक बिहारी लाल आर्य की निधि में 425.50 लाख रुपये थे, लेकिन कोरोना काल से पहले ही उन्होंने अपनी निधि लगभग खाली कर दी। उसके बाद नई निधि जारी ही नहीं हुई। बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा की निधि में पिछले वर्ष तक 340.75 लाख थे। इनमें से 262.09 लाख रुपये पिछले वित्तीय वर्ष के खत्म होने तक बचा था, लेकिन राजीव सिंह ने भी कोरोना काल से पहले ही अपनी निधि करीब-करीब पूरी खर्च कर दी। विधायक निधि निलंबित होने के बाद उनके पास भी अब कुछ नहीं बचा। यही हाल सदर विधायक रवि शर्मा का है। उनकी विधायक निधि कुल 262.09 लाख रुपये बचे हुए थे, लेकिन उन्होंने भी पिछले वित्तीय वर्ष में पूरे पैसों से विकास कार्य स्वीकृत कर दिए।
विधायक निधि के जरिए कार्य कराने की एक प्रक्रिया है। उसे पूरा करने पर ही निधि से धनराशि स्वीकृत होती है। जब निधि ही नहीं है तब ऐसे कार्यों को भविष्य में मंजूरी कैसे दिलाई जाएगी।
- डॉ. राजकुमार गौतम, परियोजना निदेशक - जिला ग्राम्य विकास अभिकरण
क्षेत्र का विकास पहली प्राथमिकता है। विधायक निधि भले ही निलंबित है, लेकिन विकास कार्य लगातार जारी हैं। नगर निगम व विभिन्न विभागों के जरिये काम कराए जा रहे हैं।
- रवि शर्मा, सदर विधायक
विधायक निधि निलंबित होने के बाद भी विकास कार्यों को प्रभावित नहीं होने दिया गया है। जनता की जरूरतों को अलग-अलग विभागों के जरिये पूरा कराया जा रहा है।
- राजीव सिंह पारीछा, बबीना विधायक
सरकार विकास कार्यों के लिए विभागों को भरपूर बजट दे रही है। जन आकांक्षाओं के अनुरूप कार्य कराए जा रहे हैं। विधायक निधि न होने के बाद भी काम लगातार जारी हैं।
- जवाहर लाल राजपूत, गरौठा विधायक