अवैध खनन के मामले में प्रदेश में एक साथ कई स्थानों पर सीबीआई के छापों का खौफ जिले में भी देखने को मिला। खबर लगते ही अवैध खनन करने वाले माफिया भूमिगत हो गए। आनन-फानन में घाटों के पास रखीं मशीनों को हटा लिया गया। काम बंद कर दिया गया। और तो और रात में निकाली गई बालू को भी घाटों के पास छोड़कर वे भाग निकले। देर शाम तक झांसी के घाटों पर छापे न मारे जाने पर उन्होंने राहत की सांस ली।
जिले में अवैध खनन बड़े पैमाने पर हो रहा है सरकार बदलने के बाद शुरूआत में तो सख्ती का असर दिखा, लेकिन समय बीतने के बाद वही पुराना ढर्रा हो गया। कुछ सत्ताधारी नेताओं और अफसरों की मिलीभगत से इस अवैध कारोबार को पंख लग हुए हैं। शनिवार सुबह अचानक प्रदेश के कई स्थानों पर सीबीआई के छापों की खबर लगते ही अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में घाटों व उसके पास होने वाले अवैध काम को बंद करा दिया गया। कुछ ही समय के भीतर घाटों से मशीनें भी हटाकर आसपास के गांवों में शिफ्ट कर दी गई। छापों का असर इसीलिए देखने को मिला, क्योंकि झांसी जिला भी अवैध कारोबारियों का गढ़ है।
जिले के गरौठा, ककरबई, मऊरानीपुर, गुरसराय, ककरबई, एरच, मोंठ, चिरगांव समेत अन्य स्थानों पर धड़ल्ले से अवैध कारोबार चल रहा है। बेतवा नदी के घाटों से दिन-रात अवैध तरीके से बालू उठाई जा रही है। बालू लदे वाहनों ने गांव-देहातों की सड़कें तक रौंद डाली हैं जिससे ग्रामीण भी बेहद परेशान हैं। ग्रामीणों की मानें तो कई बार बालू भरने को लेकर नोक-झोंक होती रहती है। विरोध करने पर झंझट की स्थिति बन जाती है।
- झांसी आ सकती है टीम
जिले में होने वाले अवैध कारोबार की शिकायतें लखनऊ भी पहुंच चुकी हैं। जालौन, हमीरपुर में हुई छापेमारी के बाद झांसी का भी नंबर आ सकता है। पता चला है कि झांसी के कई घाट टीम के निशाने पर हैं। इसके पहले भी प्रशासन की टीमें छापेमारी कर कार्रवाई कर चुकी हैं जिसकी रिपोर्ट पहले भी कई बार लखनऊ जा चुकी है। ऐसे में झांसी में भी टीम छापेमारी कर कार्रवाई कर सकती है।
- ढाबों के पास लेते रहे जानकारी
अवैध कारोबारियों में छापे की दहशत रही। कई सफेदपोश भी इस कारोबार में लिप्त हैं तो कई पहले भी इस अवैध कारोबार में बराबर के भागीदारी रहकर करोड़ों का खेल कर चुके हैं। ऐसे में उनकी भी पोल न खुल जाए, इसके लिए अवैध कारोबारियों के साथी राजमार्ग स्थित कई ढाबों के पास बैठकर जानकारियां जुटाते रहे। उनको डर था कि यदि गांवों की तरफ अफसरों की गाड़ियों ने रुख किया तो तुरंत सूचना पहुंचाई जाएगी।