आयकर विभाग फिर से अमीर टैक्स चोरों को तलाशेगा। अगले तीन महीने तक विभाग लक्ष्य को पूरा करने के लिए अलग- अलग व्यवसाय से जुड़े लोगों का सर्वे करेगा। इस दौरान बचत खातों में दस लाख से ऊपर जमा करने वालों को नोटिस भेजा जाएगा। साथ ही तीस लाख से अधिक की संपत्ति की खरीद करने वाले और रिटर्न न दाखिल करने वालों की भी जांच होगी।
आयकर विभाग ने झांसी-ललितपुर परिक्षेत्र का वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए टैक्स वसूली का लक्ष्य 113 करोड़ कर दिया है। ये लक्ष्य पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले 30 करोड़ रुपये अधिक है। इसमें 70 करोड़ लक्ष्य करदाताओं और 12 करोड़ कंपनियों से पूरा किया जाना है। इस लक्ष्य को पाने के लिए विभाग अब मार्च तक सर्वे शुरू करने जा रहा है। 31 दिसंबर तक अफसर 2011- 12 के टाइम वार्ड केस (कालातीत मामले) निपटाने में लगे थे। इस बार झांसी सर्किल ने अपनी रणनीति में बदलाव कर अलग- अलग पेशे से जुड़े व्यवसायियों के सर्वे करने का निर्णय लिया है। आयकर अफसरों का मानना है कि किसी एक व्यापार या पेशे से जुड़े व्यक्ति का सर्वे होने पर उस ट्रेड से जुड़े सभी आयकर दाता सतर्क हो जाते हैं। इस कारण हर बार नए ट्रेड से जुड़े व्यक्ति को चुना गया। मालूम हो कि, पिछले साल 83 करोड़ का लक्ष्य दिया गया था, जिसे विभाग ने प्राप्त कर लिया।
पिछले सत्र में हुए बड़े सर्वे
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- 22 सितंबर 2017 को झोकन बाग स्थित दो फर्मों का
- 07 फरवरी 2018 को चावला ग्रुप
- 15 फरवरी को दो सराफा कारोबारी
- 03 मार्च को कमरया ग्रुप
दो हजार को भेजे जा रहे नोटिस
आयकर विभाग का मानना है कि अगर कोई व्यक्ति अपने बचत खाते में एक साल में दस लाख से अधिक रुपये जमा करता या निकालता है तो निश्चित ही उसके आय के स्रोत अच्छे हैं। ऐसे में यह जानकारी रिटर्न भरते समय दिखाना जरूरी है। आयकर विभाग ने झांसी-ललितपुर परिक्षेत्र के करीब तीन हजार ग्राहकों की जानकारी बैंकों से जुटाई है। इन सभी को नोटिस भेजे जा रहे हैं। ऐसे ग्राहकों को अब संबंधित रुपयों का स्रोत बताना होगा।
संपत्ति खरीद की जानकारी देना जरूरी
आयकर विभाग को तीस लाख से अधिक की संपत्ति खरीदने या बेचने की जानकारी देना भी जरूरी है। विभाग ने ऐसे लोगों की जानकारी बैंकों और रजिस्ट्री कार्यालय से एकत्रित की है। इन सभी को नोटिस भेजे जा रहे हैं, जिन्होंने संपत्ति खरीदने या बेचने के बाद जानकारी विभाग को नहीं दी।
रिटर्न दाखिल करने वालों को भेजे जा रहे नोटिस
आयकर विभाग अब ऐसे पांच हजार लोगों को नोटिस जारी करने जा रहा है, जिन्होंने 2011-12 के बाद पच्चीस हजार रुपये से अधिक का टैक्स भरा था। लेकिन, बाद में रिटर्न जमा करना बंद कर दिया। आयकर दाताओं के जवाब से संतुष्ट न होने पर उनकी जांच की जाएगी। गौरतलब है कि, झांसी-ललितपुर परिक्षेत्र में 62 हजार करदाता हैं। इसमें 10 लाख से अधिक का रिटर्न भरने वाले पांच हजार करदाता हैं।