झांसी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) झांसी-कानपुर हाईवे पर अवैध कट भरने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए एमबीसीबी (मेटल बीम क्रैश बैरियर) लगाए जाएंगे। झांसी-उरई हाईवे पर अवैध कटों से बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं के कारण यह निर्णय लिया गया है।
सड़क सुरक्षा माह में जिला प्रशासन ने अवैध कटों पर आपत्ति जताई थी। एनएचएआई पहले इन कटों को कंक्रीट और गुम्मों से भरता था। लेकिन अज्ञात लोग विभाजक तोड़कर फिर से अवैध कट बना देते थे। परियोजना प्रबंधक एनएचएआई मनोज कुमार ने बताया कि अब कंक्रीट का इस्तेमाल नहीं होगा। अधिक दुर्घटना वाले स्थानों पर मेटल बीम क्रैश बैरियर लगाए जाएंगे। झांसी से उरई के बीच करीब 22 अवैध कट चिह्नित किए गए हैं। इनमें बड़गांव, दिगारा, चिरगांव, मोंठ और पूंछ में सर्वाधिक कट हैं। झांसी-ललितपुर में करीब 12 अवैध कट भरने का काम अंतिम दौर में है। झांसी-उरई हाईवे पर दिवाली से पहले एमबीसीबी का काम पूरा कर लिया जाएगा।
एमबीसीबी के फायदे
एमबीसीबी गैल्वनीकृत इस्पात के भारी-भरकम बीम और खंभे होते हैं। इन्हें जमीन में गहराई तक गाड़कर बोल्ट से कसा जाता है, जिससे हटाना नामुमकिन होगा। तेज रफ्तार वाहन के अनियंत्रित होने पर यह बैरियर झटके को बर्दाश्त कर गाड़ी को दूसरी लेन में जाने से रोकेगा। रात में इन पर परावर्तक लगाए जाते हैं। ये अंधेरे और कोहरे में चमककर चालकों को सचेत करते हैं।