झांसी। अपहृत सर्राफा व्यापारी कमलेश अग्रवाल के बरामद होने के बाद अब घटना से जुड़े तार एक-एक कर खुलना शुरू हो गए हैं। पुलिस ने साजिश में शामिल ग्राम प्रधान व उसकी पुत्र वधू को गिरफ्तार करने के बाद मुख्य आरोपी प्रधान के पुत्र व उसकी महिला मित्र की तलाश शुरू कर दी है।
कोतवाली क्षेत्र के लक्ष्मण गंज निवासी व सर्राफा बाजार स्थित मोहन श्री ज्वैलर्स के संचालक कमलेश अग्रवाल का पांच दिसंबर की रात अपहरण हो गया था। पुलिस ने सर्विलांस की मदद से सर्राफा व्यापारी को राजगढ़ पीएसी के सामने बल्लमपुर रोड पर एक जर्जर मकान से नौ घंटे में बरामद कर लिया था। इस मामले में पुलिस ने बड़ागांव के ग्राम गंगोली के प्रधान लालाराम पुत्र पहाड़ सिंह व उसकी पुत्र वधु रजनी पत्नी कांशीराम को गिरफ्तार किया है। जबकि, मुख्य आरोपी लालाराम का पुत्र कांशीराम व उसकी महिला मित्र बाहर ओरछा गेट निवासी नेहा उर्फ पिंकी उर्फ रामदेवी व अन्य दो आरोपी फरार हैं।
सोमवार को एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे ने बताया कि मुख्य आरोपी कांशीराम की महिला मित्र नेहा उर्फ पिंकी ने शिवाजीनगर में किराए पर मकान ले रखा है। वह दीपावली के बाद सर्राफा व्यापारी के यहां एक-दो बार खरीदारी करने गई थी। उसने तीन हजार रुपये उधार कर दिए। महिला ने एक दिसंबर को मोबाइल पर व्यापारी को बताया कि वह उधार देने आ रही है। मगर वह नहीं आई। दो दिसंबर को महिला ने फोन पर बताया कि वह घर खाली करके जा रही है। वह रुपये घर आकर ले जाए। एक-दो दिन टालने के बाद पांच दिसंबर की शाम 7.30 बजे फोन आने पर वह अपनी एक्टिवा से उधारी लेने पहुंच गए। मेडिकल कालेज रोड पर स्थित नजा हास्पिटल के निकट महिला उनका इंतजार कर रही थी। महिला व्यापारी को अपने कमरे पर ले गई। कमरे में बैठते ही दो व्यक्ति आए और धमकाकर व्यापरी के हाथ बांध दिए और नशीला इंजेक्शन लगा दिया। होश आनेे पर व्यापारी ने कमरे में बंद पाया।
एसएसपी के अनुसार अपहरणकर्ता बार-बार फोन करके फिरौती न देने पर सर्राफा व्यापारी को राजस्थान के डकैतों को सौंपने या जान से मारने की धमकी दे रहे थे। उन्होंने बताया कि जिस जगह व्यापारी को रखा गया था, उससे साफ लग रहा था कि जैसे उस जगह को अपहृत को छुपाने के लिए ही बनाया गया है। उक्त आरोपी पहले भी दो लोगों का अपहरण कर फिरौती ले चुके हैं। मुख्य आरोपी के पकड़ते ही सभी गुनाह सामने आ जाएंगे। पकड़ी गई मुख्य आरोपी की पत्नी खाना पहुंचाने का काम करती थी।
पेंट उतरवाकर खींची फोटो
सर्राफा व्यापारी ने बताया कि वह जब महिला पिंकी के घर बैठा हुआ था, तभी आए दो युवक उस पर छेड़छाड़ का आरोप लगाने लगे। उन्होंने धमकाते हुए उसकी पेंट उतरवाई और जबरन महिला के साथ मोबाइल पर फोटो खींच ली। वह उसे ब्लैकमेल भी करना चाहते थे।
व्यापारी ने बदमाश की उंगली भी चबाई
सर्राफा व्यापारी ने बताया कि रात में उसे राजगढ़ के निकट स्थित जर्जर मकान के तलघर में ले जाया गया। वहां जब उसने मौजूद तीन अपहरणकर्ताओं से लाने का कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि उसे फिरौती के लिए लाया गया है। इस पर उसने भागने का प्रयास किया, मगर तीनों ने उन्हें पकड़ लिया। एक बदमाश की उंगलियां भी चबा लीं।
पुत्र को सौंपकर रुपये लेकर आओ
सर्राफा व्यापारी ने बताया कि अपहरणकर्ता उससे बार- बार पूछ रहे थे कि वह कितनी फिरौती दे सकता है? उसने अधिकतम एक लाख रुपये बोला। बदमाशों ने उससे कहा कि वह अपने पुत्र को बुलाकर उन्हें सौंप दे और खुद रुपये लाकर दे। आगे कुछ बात बढ़ती, इसके पहले ही पुलिस पहुंच गई।
डीजी देंगे पचास हजार का ईनाम
पुलिस महानिदेशक ने आरोपियों को गिरफ्तार करने वाले सहायक पुलिस अधीक्षक सोमेन वर्मा, स्वाट टीम प्रभारी विक्रम सिंह, कोतवाली प्रभारी जेपी यादव, प्रेमनगर थानाध्यक्ष दीपक मिश्रा, बड़ागांव थानाध्यक्ष संजय कुमार यादव उनकी टीम व सर्विलासं जवानों आदि को पचास हजार रुपये नकद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की है।