झांसी। महिला कर्मचारियों से संवाद स्थापित कर ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस में मिलने वाली सेवाओं को गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए प्रदेश सरकार लखनऊ मेें मेगा कॉल सेंटर खोलेगी। इसका मुख्य उद्देश्य कुपोषण, गंदगी, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा के अभाव के चलते हो रही मातृ-शिशु मृत्यु में कमी लाना है। इसलिए इस योजना से स्वास्थ्य, पंचायती राज, शिक्षा विभाग को जोड़ा गया है। हर माह कॉल सेंटर 12 लाख कॉल की जाएंगी।
लाख कोशिशों के बाद भी मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी नहीं आ पाई है। ग्रामीण स्तर पर लोग शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव के साथ ही गंदगी और कुपोषण का शिकार हैं।
ऐसे में अब राज्य सरकार ने ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस (वीएचएनडी) की सेवाओं को परिणाम आधारित बनाने के लिए मेगा कॉल सेंटर खोलने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अगस्त में कॉल सेंटर का शुभारंभ कर सकते हैं। इसके बाद हर महीने अधिकारियों, कर्मचारियों और लाभार्थियों को 12 लाख से ज्यादा फोन सेंटर से किए जाएंगे। आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियाें को माह में दो बार वीएचएनडी से पहले और बाद में कॉल की जाएगी। उनसे वीएचएनडी पूर्व की तैयारी जैसे कि लाभार्थियों की ड्यूलिस्ट, अतिकुपोषित बच्चों व हाई रिस्क गर्भवतियों का विवरण समेत अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं के विषय में संवाद होगा।
वीएचएनडी के बाद कॉल कर सत्र में दी गई स्वास्थ्य व पोषण सेवाओं, लाभार्थी पोषाहार वितरण, आयरन वितरण, हाई रिस्क गर्भवतियों व अतिकुपोषित बच्चों के चयन संबंधित बातचीत होगी। वहीं, ग्राम प्रधान को माह में एक बार कॉल की जाएगी। गांव व वीएचएनडी सत्र पर नियमित साफ-सफाई के संबंध में पूछताछ होगी। एएनएम को महीने की शुरूआत के अलावा हर वीएचएनडी सत्र के बाद कॉल की जाएगी और कार्यशील उपकरण, जच्चा-बच्चा कार्ड, हीमोग्लोबिन टेस्टिंग किट, आयरन की गोलियों की उपलब्धता, बच्चों के टीकाकरण, वजन मशीन, ओआरएस आदि के बारे में पूछताछ होगी।
मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी की कोशिश
मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी की कोशिश के मद्देनजर मेगा कॉल सेंटर खुलने जा रहा है। कॉल सेंटर से हर माह आशा, एनएनएम, आंगनबाड़ी आदि को 12 लाख कॉल की जाएंगी। मुख्यमंत्री अगस्त में इसका शुभारंभ कर सकते हैं। - डॉ. विनोद कुमार यादव, सीएमओ।