सोमवार को जमीन के सर्किल रेट पर मंथन हुआ। इस दौरान भू व्यवसायियों से
चर्चा उपरांत उनके द्वारा दर्ज कराई गईं आपत्तियों का निस्तारण किया गया।
हालांकि, अभी जमीन की नई दरें लागू नहीं की गई हैं।
जमीन के नवीन
सर्किल रेट तय करने को कलेक्ट्रेट में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)
उमेश नारायण पांडेय की अध्यक्षता में बैठक हुई। इस दौरान रियल स्टेट
कारोबारियों की आपत्तियां सुनी गईं। भू व्यवसायियों ने जिला स्तर पर किए गए
क्षेत्र परिवर्तन पर आपत्ति दर्ज की। उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्र,
अर्द्ध नगरीय क्षेत्र व ग्रामीण क्षेत्रों को शासन द्वारा विभक्त किया गया
है। जिला स्तर पर क्षेत्र परिवर्तन विधिक रूप से सही नहीं है। उन्होंने कहा
कि सदर तहसील के दोनों उप निबंधक कार्यालय द्वारा जारी प्रस्तावित
मूल्यांकन सूची में दिए गए निर्देश क्रमांक 21 में कृषि भूमि की गणना का
सूत्र अनुचित है। कृषि भूमि का मूल्यांकन आवासीय दरों पर नहीं किया जाना
चाहिए। इसके अलावा उन्होंने अन्य आपत्तियां भी जताईं। भू कारोबारियों ने
कहा कि सर्किल रेट पहले सही बढ़ हुए हैं। जमीन के बाजारू मूल्य से सर्किल
रेट अधिक हैं। इन परिस्थितियों में सर्किल रेट बढ़ाया जाना ठीक नहीं है। इस
मौके पर सहायक महानिरीक्षक निबंधन ए के पासवान, सब रजिस्ट्रार सुभाष
मिश्रा समेत रियल स्टेट कारोबारियों की संस्था क्रेडाई के अध्यक्ष सुरेंद्र
राय, सचिव सुधीर सिंह आदि मौजूद रहे।
सहायक महानिरीक्षक निबंधन ए के
पासवान ने बताया कि प्रस्तावित सर्किल रेट पर आईं आपत्तियों का निस्तारण कर
लिया गया है। हालांकि, यह अभी लागू नहीं हो पाए हैं। जिलाधिकारी की
स्वीकृति उपरांत इसी सप्ताह लागू कर दिए जाएंगे।