झांसी। एलीफेंटोपस स्केबर जिसे आम भाषा में बन तंबाकू कहते हैं, उसमें कई औषधीय गुण मिले हैं। इसके जरिए कई बीमारियों के इलाज में मदद मिल सकती है। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में स्ट्राइड परियोजना के तहत छात्रा द्वारा किए गए शोध कार्य में ये परिणाम मिले हैं।
बन तंबाकू बगीचों और चरागाहों में पाई जाती है। इसका उपयोग कई औषधी बनाने में हो रहा है। बीयू में स्ट्राइड प्रोजेक्ट के तहत छात्रा नेहा बरकोडिया ने डॉ. शशि आलोक के निर्देशन में इस पर शोध किया। लैब में स्क्रीनिंग कराकर तत्वों का परीक्षण किया गया। गैस क्रोमोटोग्राफ मास स्पेक्ट्रोस्कोपी के जरिए कई छुपे हुए तत्व भी खोज निकाले गए। प्रोजेक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. लवकुश द्विवेदी ने बताया कि बन तंबाकू में ऑक्सीटेट्रा साइक्लीन, मिनो साइक्लीन, रोडॉक्सैंथिन, डेल्सोलिन तत्व भी पाए गए, जो कि एंटी फंगल, एंटीबैक्टीरियल और एंटी माइक्रोवियल जैसे गुण प्रदर्शित करते हैं। इनके जरिए टीबी, चर्म रोग, ह्रदय, फेफड़ों से संबंधी इलाज में मदद मिल सकती है।
कौन से तत्व का क्या फायदा
ऑक्सीटेट्रा साइक्लीन - उल्टी, दस्त, बैक्टीरियल संक्रमण जैसे आंखों, यूरिन इंफेक्शन, निमोनिया के इलाज, टाइफस बुखार में मददगार।
मिनो साइक्लीन - त्वचा, आंख, पेट के संक्रमण को रोकने अथवा जानवरों से होने वाले संक्रमणों के इलाज में काम आता है।
रोडॉक्सैंथिन - शरीर की जैव क्रिया में भाग लेता है, जिससे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
डेल्सोलिन - कैल्शियम की कमी, जिंक की कमी पूरी करता, ऑस्टियोपोरोसिस, खून की कमी आदि के इलाज में लाभदायक।