झांसी। मेडिकल कॉलेज में नवनिर्मित 48 बेड की एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबोर्न केयर यूनिट) अक्तूबर में शुरू हो सकती है। इसके 70 फीसदी से ज्यादा जरूरी उपकरण आ गए हैं। वहीं, शासन स्तर से आग से निपटने के इंतजाम व विद्युतीकरण दोबारा से कराने का टेंडर हो गया है।
मेडिकल कॉलेज में 25 अक्तूबर 2024 को एसएनसीयू में आग लगी थी, जिसमें 19 शिशुओं की मौत हुई थी। इसके बाद वार्ड नं. पांच में अस्थायी रूप से 10 बेड की एसएनसीयू बनाई गई, जिसे करीब एक माह पहले सुपर स्पेशियलिटी की पांचवीं मंजिल पर बने आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया है। चूंकि एसएनसीयू में बेडों की संख्या कम है, इसलिए बाल रोग विभाग की प्राथमिकता मेडिकल कॉलेज में जन्म लेने वाले शिशुओं को भर्ती करने की होती है। इससे न सिर्फ जिले से बल्कि पड़ोसी जिलों से आने वाले गंभीर शिशुओं को भर्ती करने में दिक्कत होती है। अधिकतर लोगों को निराश होकर लौटना पड़ता है।
वहीं, शासन के निर्देश पर 48 बेड की एसएनसीयू बिल्डिंग करीब एक साल पहले बनकर तैयार हो चुकी है। इसका विदयुतीकरण किया गया था, जो मानक के अनुरूप नहीं होने पर दोबारा होगा। इसके साथ ही आग से निपटने के इंतजाम भी होने हैं। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि शासन स्तर से दोनों कामों की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जल्द ही कार्यदायी संस्थाएं काम शुरू कर देंगी। वहीं, दूसरी तरफ एसएनसीयू के लिए जरूरी उपकरण भी आ चुके हैं, जिन्हें जल्द स्थापित करना शुरू हो जाएगा।
नई एसएससीयू के लिए अधिकांश उपकरण आ चुके हैं। फायर व विद्युतीकरण के कामों का टेंडर हो चुका है, जो जल्द शुरू हो जाएगा। पूरा प्रयास है कि अक्तूबर में इसको चालू कर दिया जाए।
डॉ. सुधीर कुमार, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज