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मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिलाने के नाम पर कई बार हो चुकी ठगी

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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिलाने के नाम पर कई बार फर्जीवाड़ा हो चुका है। लोगों से लाखों की ठगी करने वाले गिरोह के सदस्यों ने फर्जीवाड़ा करने के लिए मेडिकल कॉलेज के स्टाफ की मदद से कैंपस तक का इस्तेमाल कर डाला। यहां के डॉक्टरों के ऑफिस खोलकर जालसाजी की गई। कुछ मामलों का पुलिस ने खुलासा भी किया। वहीं, एक मामले में कॉलेज का सुरक्षा गार्ड अभी भी फरार चल रहा है। अब प्रयागराज के मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस दाखिले के नाम पर ठगी मामले के तार झांसी से भी जुड़ गए हैं।
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प्रयागराज के मेडिकल कॉलेज में बुलाकर एमबीबीएस दाखिले के नाम पर 17 लाख की ठगी की गई। वारदात में नोएडा के गिरोह का हाथ होने के बाद कुछ अहम खुलासे हुए हैं। गिरोह का सरगना सचिन ने खुद को पल्मोनरी विभाग का डीन, जबकि अपने साथी राज विक्रम को प्रोफेसर बताया था। वहीं सचिन के संपर्क में न सिर्फ प्रयागराज, बल्कि झांसी, बरेली व आगरा मेडिकल कॉलेज के कुछ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। जिन्हें मोटी रकम देकर उसने इस खेल में शामिल कर लिया था। सचिन व राज विक्रम आकर मेडिकल कॉलेज कर्मचारियों से मिलते थे, जो उन्हेें विभागीय कक्षों की चाबी सौंपते थे। इसके बाद यह पूरा खेल शुरू होता था। मामला सामने आने के बाद फिर से मेडिकल कॉलेज के कर्मचारी शक के घेरे में आ गए हैं। जल्द ही पूछताछ के लिए पुलिस की टीम झांसी आ सकती है।
ये मामले सामने आ चुके
केस-1
वर्ष 2018 में ठगों ने कर्नाटका निवासी ईश्वर रेड्डी की पुत्री निगमा से भी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिलाने के नाम पर बीस लाख रुपये की ठगी कर ली। 25 अगस्त 2018 को छात्रा व उसके परिजनों को मेडिकल कॉलेज बुलाया गया। वहां ओपीडी बिल्डिंग के दूसरे तल पर एक डॉक्टर के ऑफिस में ही छात्रा के प्रवेश से संबंधित सभी फॉर्म भरवाए गए। एक होटल में छात्रा के परिजनों ने जालसाजों को 20 लाख रुपये दिए। बाद में प्रवेश न होने पर छात्रा व उसके परिजनों को ठगी का अहसास हुआ। छात्रा अपने परिजनों के साथ मामले की शिकायत करने मेडिकल कॉलेज आई थी। शिकायत पर नवाबाद पुलिस ने भी मामला दर्ज कर लिया था। इस मामले में बंगलूरू में कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी।
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केस-2
वर्ष 2019 में मथुरा निवासी वीर सिंह के पुत्र विष्णु से महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिलाने के नाम पर साढ़े आठ लाख की ठगी कर ली गई। कंसल्टेंसी की ओर से बात करने वाले व्यक्ति ने विष्णु को सरकारी नामित कोटे से किसी भी सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिलाने की बात कही। अगस्त 2019 में युवक को नोएडा के सेक्टर 62 स्थित कंसल्टेंसी कार्यालय भी बुलाया गया। युवक को बातचीत कर जाल में फंसाया गया। तीन अगस्त को युवक को झांसी मेडिकल कॉलेज बुलाया गया। यहां चर्म रोग विभाग में एक युवक अधिकारी बनकर बैठ गया। युवक का विश्वास जीतने के बाद डेढ़ लाख रुपये एडवांस लेकर फॉर्म भरवाया। एमसीआई और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से प्रवेश के लिए मिला अनुमति पत्र दिखाया। इसमें मोहर भी लगी हुई थीं। हालांकि, यह सब फर्जी था। इस मामले का बाद में खुलासा हुआ।
प्रयागराज में हुए फर्जीवाड़े की जानकारी नहीं है। अब तक किसी भी कर्मचारियों के संबंध में कोई जानकारी किसी ने भी नहीं मांगी है। यदि किसी व्यक्ति के संबंध में पूछताछ की जाती है तो उपलब्ध करा दी जाएगी। - डॉ. एनएस सेंगर, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज झांसी।
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