थाना नवाबाद के कुम्हार के कुआं में हुई घटना ने दोनों परिवारों को हिला कर रख दिया है। प्रेमिका द्वारा शादी से मना करने पर नरेंद्र खिलाफ हो गया था और शादी के लिए दवाब बना रहा था। राजी न होने पर बुधवार की रात कहासुुनी के बाद प्रेमिका की गोली मारकर हत्या के बाद खुद भी आत्महत्या कर ली। घटना के बाद रात भर दोनो के शव कमरे में ही पड़े रहे थे। सूचना मिलने के बाद सुबह घर पहुंची पुलिस ने गेट तोड़कर दोनों को निकाला था।
थाना नवाबाद के कुम्हार के कुआं निवासी अशोक प्रजापति के दो बेटी व एक बेटा है। छोटी बेटी की शादी मध्य प्रदेश जिले के शिवपुरी स्थित करैरा अंतर्गत खैराई गांव में तय की थी। 23 मई को शादी की तारीख तय कर दी गई थी। यह खबर नरेंद्र तक पहुंचने के बाद वह विरोध करने लगा और शादी के लिए प्रेमिका से दवाब बनाने लगा। जिसके मना करने पर विवाद होने लगा। बताया गया है कि बुधवार की शाम युवती के पिता, चाचा व अन्य रिश्तेदार लगुुन लेकर लड़के के यहां गए थे। इसकी भी जानकारी मिलने के बाद नरेंद्र बौखला गया था।
बुधवार की शाम किसी तरह प्रेमिका से संपर्क कर आखिर बार मिलने की जिद करने लगा। प्रेमिका इससे अंजान थी कि यह आखिरी मुलाकात उसकी जिंदगी की आखिरी रात होगी। रात को खाना खाकर युवती बाहर वाले कमरे में चली गई। अंदर के कमरों में मां व अन्य भाई बहन सो गए। रात को घर पहुंचने के बाद युवती व युवक में बातचीत होने लगी। रात करीब ढाई बजे नरेंद्र ने युवती की गोली मारकर हत्या के बाद खुद को गोली मारकर जान दे दी। दो बार गोली चलने की आवाज सुनकर परिजनों की नींद भी टूटी, लेकिन पटाखा व अन्य किसी आवाज को समझकर परिजन सो गए।
सुबह मां ने उठकर घर का कामकाम किया, लेकिन करीब आठ बजे तक बेटी के कमरे का गेट नहीं खुला। कई बार खटखटाने के बाद भी किसी तरह की कोई आवाज नहीं आई। परेशान होकर मां ने पड़ोसी युवक को बुलाया। घर पहुंचे युवक ने जैसे ही खिड़की पर चढ़कर देखा तो दोनों को खून से लथपथ हालत में देखकर उसकी चीख निकल गई। खबर पाकर नवाबाद पुलिस मौके पर पहुंची। गेट तोड़कर अंदर जाकर देखा तो दोनों मृत हालत में पड़े थे। युवक के पास ही तमंचा पड़ा हुआ था। दोनों को देखकर परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं, घटना की खबर पाकर पिता व चाचा भी घर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
अधूरे रह गए माता-पिता के अरमान
भले ही लॉॅकडाउन में युवती की शादी हो रही हो, इसके बाद भी माता-पिता ने तमाम सपने सजाए थे। बुधवार की रात अचानक हुए हादसे के बाद पूरा परिवार में मातम पसरा हुआ है। बुधवार को पिता व अन्य रिश्तेदार कुछ सामान भी लड़कों वालों के यहां पहुंचाकर आए थे। बेटी को दुल्हन बनाने के लिए खरीदारी भी हो चुकी थी।
आठ साल पहले झांसी आकर रहने लगा
नरेंद्र (मृतक) मूल रूप से थाना एरच क्षेत्र का रहने वाला था। करीब आठ साल पहले झांसी आकर कुम्हार के कुआं में रहने वाले रिश्तेदार के यहां रहने लगा। यहां से पढ़ाई करने के बाद झांसी नगर निगम में संविदा पर उसकी नौकरी भी लग गई थी। इसी बीच युवती से प्रेम प्रसंग की जानकारी मिलने के बाद करीब दो साल पहले रिश्तेदार ने उसे घर से भगा दिया था। इसके बाद गुमनावारा में वह किराए के मकान में रहता था।
तमंचा मिलने की भी पुलिस ने शुरू की जांच
मौके से तमंचा मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस का मानना है कि इलाके से ही मृतक नरेंद्र ने तमंचा खरीदा है। पुलिस उसके दोस्तों के साथ करीबियों से भी जानकारी लेगी।