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मेडिकल कॉलेज अग्निकांड : एक माह पूरा, खामियों की सर्जरी का दावा अधूरा

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अमर उजाला ब्यूरो



झांसी। मेडिकल कॉलेज की एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबोर्न केयर यूनिट) में आग लगने से नवजातों की मौत होने की घटना को 31 दिन बीत गए, मगर हालातों में बदलाव नहीं आया। न तो फायर ऑडिट की आपत्तियां दूर हुईं और न बिजली सुरक्षा ऑडिट की। खास बात ये है कि 51 बेड की एसएनसीयू भी शुरू नहीं हुई है। आपात स्थिति में बनाई 16 बेड की एनआईसीयू ही चल रही है।

500 बेड के अस्पताल का काम भी ठंडे बस्ते में पहुंच गया है। इसकी वजह प्राचार्य व संबद्ध अवर अभियंता का पद नहीं संभालना है। अधिकारियों का कहना है कि अवर अभियंता सोमवार को पदभार संभालेंगे तभी ऑडिट की खामियां दूर होंगी।
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मेडिकल कॉलेज की एसएनसीयू में 15 नवंबर की रात 10:20 बजे शॉर्ट सर्किट से आग लगी थी। इसमें 10 नवजातों की आग से झुलसकर मौत हो गई थी। बचाए गए 9 नवजातों ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। हादसे के बाद उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक 16 नवंबर की सुबह 5 बजे ही मेडिकल कॉलेज आ गए और त्रिस्तरीय जांच के आदेश दिए। चिकित्सा शिक्षा विभाग महानिदेशक किंजल सिंह के नेतृत्व में टीम ने जांच की। स्पष्ट हुआ कि फायर और बिजली सुरक्षा की ऑडिट में मिली खामियां दूर नहीं हुईं। फायर ऑडिट में मेडिकल कॉलेज के 26 विभागों में गडबड़ी मिली थी। कई विभागों में आपातकालीन दरवाजे भी नहीं थे। कॉलेज भवन, ओपीडी भवन, इंडोर भवन, गायनिक भवन, ओटी ब्लॉक, टीबी चेस्ट, पोस्टमार्टम हाउस, प्राइवेट वार्ड, बर्न विभाग, मानसिक रोग विभाग ओपीडी, गेस्ट हाउस, पीजी छात्रावास में कई खामियां मिलीं। वहीं, बिजली सुरक्षा ऑडिट में कॉलेज परिसर में कई स्थानों पर प्रतिबंधित एल्युमिनियम तारों की फिटिंग मिली। एक माह बाद भी खामियों को दूर करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। 51 बेड की एसएनसीयू दिसंबर में शुरू करने का दावा किया जा रहा था, जो अब पूरा होता नहीं दिख रहा है।

0- ....सिर्फ इंतजार में कट रहे दिन



शासन ने डॉ. शिव कुमार को मेडिकल कॉलेज का स्थायी प्राचार्य नियुक्त किया मगर अभी तक उनके आने के बारे में कुछ नहीं पता। कॉलेज के आधिकारिक सूत्र बताते हैं कि डॉ. शिव कुमार फोन भी नहीं उठाते, उनके आने के बारे में कोई कुछ नहीं बता सकता।



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0- एसआईसी का निलंबन आदेश आया



शासन से शनिवार शाम मेडिकल कॉलेज की एसआईसी डॉ. सुनीता भदौरिया का निलंबन आदेश आ गया है। आधिकारिक सूत्र बताते हैं कि निलंबन के आदेश की मूल प्रति एडी हेल्थ को भेजी गई है, जहां से डॉ. भदौरिया को अवगत कराया जाएगा।
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0-वर्जन

मेडिकल कॉलेज में आग की घटना के बाद जेई सुजीत कुमार को निलंबित कर दिया गया। तब से जेई का पद खाली था। नौ दिसंबर को पैरामेडिकल कॉलेज के जेई राम सरन वर्मा को संबद्ध किया गया है, जो सोमवार को मेडिकल कॉलेज आएंगे। फायर व बिजली ऑडिट में मिली खामियों को दूर करने के लिए सोमवार को रूपरेखा बनाकर दूर कराया जाएगा। - डॉ. सचिन माहुर, सीएमएस मेडिकल कॉलेज
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