फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मेडिकल कॉलेज अग्निकांड : मंडलायुक्त कानपुर को 174 दिन बाद आई जांच की सुध

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन








अमर उजाला ब्यूरो



झांसी। मेडिकल कॉलेज की एसएनसीयू में आग लगने से मासूमों की हुई मौत की घटना के 174 दिन बाद मंडलायुक्त कानपुर को जांच करने की सुध आई है। अब वह सभी दस्तावेज मेडिकल कॉलेज से मंगाएंगे। महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य ने तीन सीनियर डॉक्टरों की भूमिका की जांच के आदेश दिए थे।

14 नवंबर की रात मेडिकल कॉलेज की एसएनसीयू (न्यू बोर्न केयर यूनिट) में शार्ट सर्किट से आग लगी थी। इसमें 10 शिशुओं की मौके पर ही मौत हो गई और नौ शिशु ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। 15 नवंबर की तड़के प्रदेश उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मेडिकल कॉलेज आए थे। शासन के आदेश पर चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य निदेशक किंजल सिंह चार सदस्यीय टीम के साथ मेडिकल कॉलेज जांच करने आई थीं।
विज्ञापन




जांच रिपोर्ट के आधार पर शासन ने तत्कालीन प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया था। साथ ही एसआईसी डॉ. सुनीता भदौरिया और जेई सुनीत कुमार निलंबित कर दिया गया था। तब कानपुर के तत्कालीन मंडलायुक्त अमित गुप्ता को चिकित्सक डॉ. ओमशंकर चौरसिया, डॉ. कुलदीप चंदेल और सीएमएस डॉ. सचिन माहुर की भूमिका की जांच के आदेश दिए गए थे, लेकिन वह जांच नहीं कर पाए। अमित गुप्ता का कुछ माह पूर्व तबादला होने के बाद के. विजयेंद्र पांडियन मंडलायुक्त बने। उन्होंने अभी तक जांच शुरू नहीं की थी।
विज्ञापन







दरअसल कई मामलों की जांच मंडलायुक्त कार्यालय के माध्यम से की जा रही है। इसमें झांसी मेडिकल कॉलेज का भी मामला है, इसकी जानकारी नहीं थी। जल्द ही इसके सभी दस्तावेज मंगाकर जांच तेजी से आगे बढ़ाई जाएगी। - के. विजयेंद्र पांडियन, मंडलायुक्त, कानपुर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें