झांसी। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य कार्यालय में तैनात कनिष्ठ सहायक पर ऑनलाइन सट्टा और निवेश के नाम पर राशि लेने की शिकायत की गई है। आरोप है कि उसने वरिष्ठ डॉक्टरों, एसआर, जेआर, नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारियों से नेटवर्क मार्केटिंग व अन्य योजनाओं में निवेश के नाम पर रकम ली।
एसआईसी सचिन माहुर ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में कोई भी पीड़ित 30 जून तक अपनी शिकायत या पक्ष दर्ज करा सकता है।
प्राचार्य कार्यालय के लेखा विभाग में तैनात एक कर्मचारी पर आरोप है कि उसने विदेश की एक कंपनी में निवेश कराने के नाम पर कई लोगों को जोड़कर हर माह मुनाफे का भरोसा दिया लेकिन वादे के मुताबिक पैसे नहीं लौटाए। शिकायत में ऑनलाइन सट्टा लगाने का भी आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि मामले की शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की गई है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अमर उजाला ने 21 जनवरी 2025 को मामले को प्रमुखता से उठाया था, लेकिन तत्कालीन अधिकारियों ने इस पर संज्ञान नहीं लिया। आरोप है कि निवेश करने वाले वरिष्ठ डॉक्टरों के जरिये तत्कालीन प्राचार्य पर दबाव बनाया गया था।