अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मेडिकल कॉलेज में युवक विनय अहिरवार को छह घंटे की देरी से भर्ती किए जाने और समय पर इलाज न किए जाने के बाद मौत के मामले में मंगलवार को 5 और चिकित्सकों को निलंबित कर दिया गया। वहीं, चार सिस्टर इंचार्जों को इमरजेंसी ड्यूटी से हटा दिया गया। प्राचार्य डॉ. मयंक सिंह ने यह कार्रवाई चार सदस्यीय टीम की जांच रिपोर्ट आने के बाद की है। इस मामले में ईएमओ डॉ. आरएस राणा को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
जांच टीम ने 20 फरवरी को हुई इस घटना की जांच की। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, पैरा मेडिकल स्टाफ के बयान दर्ज किए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर प्राचार्य ने ड्यूटी पर तैनात डॉ. विद्यासागर, डॉ. विदुषी, डॉ. हर्षवर्धन, डॉ. जूही, डॉ. दिव्यांश को निलंबित करके 10 दिन का वेतन काटने के आदेश दिए। इसके साथ ही लापरवाही बरतने पर सिस्टर इंचार्ज शशि मसीह, शिवा टी. समेत चार के एक दिन के वेतन में कटौती के साथ इमरजेंसी ड्यूटी से हटा दिया गया। टीम में डॉ. सुधीर कुमार, डॉ. नूतन अग्रवाल, डाॅ. सौरभ अग्रवाल और डॉ. सचिन माहुर शामिल रहे।
यह है मामला
इस साल 20 फरवरी को प्रेमनगर के राजगढ़ निवासी विनय अहिरवार (18) को रक्सा टोल प्लाजा के पास ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। विनय को लेकर परिजन दोपहर 12:46 बजे इमरजेंसी वार्ड पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने इमरजेंसी पर्चे पर ही उपचार शुरू कर दिया मगर भर्ती करने की फाइल नहीं बनाई। ड्यूटी पर तैनात सर्जरी और ऑर्थो के चिकित्सक ने इमरजेंसी में दो एक्सरे मशीनें होने के बावजूद ओपीडी में भेज दिया। यहां पहला एक्सरे 2:55 बजे हुआ और करीब 3:15 बजे सभी 18 एक्सरे हुए। 3:40 बजे परिजन सीटी कराने के लिए गए। यहां से वह शाम करीब 4:45 बजे इमरजेंसी पहुंचे। तब तक ईएमओ डॉ. आरएस राणा की ड्यूटी खत्म हो गई और डॉ. रवि शर्मा ड्यूटी पर आ गए। विनय की हालत बिगड़ने लगी तब डॉ. रवि ने तत्काल भर्ती करने की फाइल बनवाई। इसके बाद विनय की मौत हो गई।
वर्जन
मामले की जांच के लिए टीम बनाई गई थी। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है।
- डॉ. मयंक सिंह, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज