मेडिकल कॉलेज के जाम से मिलेगी निजात
झांसी। नगर निगम में मंगलवार को हुई कार्यकारिणी की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। मेडिकल कॉलेज के पास अक्सर बनने वाली जाम की स्थिति से निजात दिलाने के लिए ग्रीनलैंड और सर्विस लेन बनाने का फैसला हुआ। कानपुर बाईपास से मेडिकल कॉलेज तक डिवाइडर के बीच में करगुवां जी मार्ग सिर्फ एक ही कट होगा। इसके अलावा वीरांगना कॉलोनी के पास नगर निगम की जमीन पर एंबुलेंस खड़ी करने के लिए पार्किंग बनेगी।
मेडिकल कॉलेज मार्ग पर लोगों को आवागमन में काफी असुविधा होती है। अक्सर यहां जाम की स्थिति बन जाती है। इस समस्या से जल्द ही छुटकारा मिलने वाला है। मेडिकल मार्ग पर डिवाइडर में जगह-जगह कट बंद करवाए जाएंगे। करगुवां जी मार्ग जाने के लिए सिर्फ एक ही कट होगा। किनारे बने डिवाइडर भी तोड़े जाएंगे। वहां पर ग्रीनलैंड और सर्विस लेन बनेगी। नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में यह भी तय हुआ कि हर वार्ड में 15 से 20 लाख रुपये का निर्माण कार्य के टेंडर शीघ्र निकाले जाएंगे। इसके लिए कई पार्षदों ने भी प्रस्ताव दिए हैं। वहीं, वार्ड में अनुरक्षण और मरम्मत कार्य भी प्राथमिकता पर कराए जाएंगे। महानगर में विभिन्न स्थानों पर शौचालय, मूत्रालय का निर्माण होगा। इसके लिए सीपरी बाजार पुल के दोनों तरफ, राजगढ़ में पीएसी की बाउंड्रीवाल के बाहर, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के बाहर, मेडिकल कॉलेज गेट नंबर तीन के पास आदि स्थान तय भी कर लिए गए हैं। पार्षदों से भी प्रस्ताव मांगे गए हैं। नगर निगम द्वारा सिर्फ 40 फीसदी घरों का डोर टू डोर कूड़ा संग्रहण किया जा रहा है। कार्यकारिणी बैठक में इसको बढ़ाने के लिए भी फैसला हुआ। पटरी, ठेला दुकानदारों को उचित स्थान उपलब्ध कराने के लिए समिति बनाने का फैसला हुआ। यह समिति स्थान का चयन करेगी। इसके अलावा भी कई फैसले हुए।
बैठक में किशोरी लाल रायकवार व अरविंद ने सवाल किया कि 6200 लाइटें स्वीकृत की गई थीं, फिर भी 700 खंभे खाली हैं। ये लाइटें कहां गईं। जुगल किशोर ने डस्टबिन की गुणवत्ता पर सवाल उठाया। अविनाश यादव ने एमपी परिवहन विभाग द्वारा निगम की भूमि व आवंटित दुकानों द्वारा अतिक्रमण का मामला उठाया। लखन कुशवाहा ने मेडिकल कॉलेज के पास सड़क पर बन रहे हादसों का मुद्दा उठाया। कुछ पार्षदों ने बीकेडी से आंतिया तालाब जाने वाले मार्ग पर अतिक्रमण किए हुए बड़े दुकानदारों को छोड़ने और छोटों पर कार्रवाई करने का आरोप लगाया। बैठक में महापौर रामतीर्थ सिंघल, नगर आयुक्त मनोज कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त शादाब असलम, रोहन सिंह, अरुण गुप्ता, मुख्य अभियंता एलएन सिंह, लेखाधिकारी राजकिशोर समेत सभी कार्यकारिणी सदस्य मौजूद रहे।
ये प्रस्ताव रखे गए
- उपसभापति और वार्ड 56 के पार्षद अनिल सोनी ने कहा कि पंचकुईया मंदिर के सामने जो जमीन खाली पड़ी है, उस पर सामूहिक सामाजिक मंच बनाया जाए। इसके अलावा पंचकुइया तिराहे पर रानी लक्ष्मीबाई संग गंगाधर राव विवाह रूप अष्टधातु की प्रतिमा लगाई जाए।
- वार्ड 15 के पार्षद छोटेलाल शाक्या ने कहा कि गढ़ियागांव में मरघट है, जिसमें कंकरीट का दाह संस्कार बना है लेकिन इसकी बाउंड्रीवाल नहीं है। मरघट का सीमांकन हदबंदी कराकर बाउंड्रीवाल व मौन धारण हॉल बनाने की मांग की।
- वार्ड 60 के पार्षद प्रदीप नगरिया ने कहा कि वीरांगना झलकारी बाई बुर्ज के पास नवीन टंकी बनाने के लिए स्थान देने की मांग की।
- वार्ड 36 के पार्षद उमेश जोशी ने विभिन्न स्थानों पर एपेक्स, सड़क व नाली का निर्माण कराने का प्रस्ताव दिया।
- वार्ड 14 के पार्षद पुष्पेंद्र कुमार ने कुंज वाटिका मैरिज गार्डन के बगल में बने पार्क का नवनिर्माण, सौंदर्यीकरण व पार्क का नाम अटल बिहारी जी के नाम पर करने का प्रस्ताव रखा। सैनिक पार्क में बिजली सही कराने व ट्रांसफार्मर लगवाने की मांग की।
- वार्ड 18 की पार्षद गीता देवी ने न्यू गल्ला मंडी मार्ग बनवाने के लिए प्रस्ताव दिया। तालपुरा में सड़क व नालियों के निर्माण की मांग की।
- वार्ड 50 के किशोरी प्रसाद रायकवार ने बड़ागांव गेट से चुना भट्टी तक डबल नाली स्लिप सहित डलवाने की मांग की। सूजेखां खिड़की बाहर कब्रिस्तान के पास चौराहे का सौंदर्यीकरण कराने के अलावा नाली, पुलिया, सड़क निर्माण की मांग की।
केकेपुरी नाले की ढाल ही गलत: दुबे
केकेपुरी नाला की टीएसी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत कर पार्षद विद्याप्रकाश दुबे ने सबको हैरत में डाल दिया। जिम्मेदार जांच चलने की बात कहकर मामले से पल्ला झाड़ने की कोशिश में थे, तभी उन्होंने रिपोर्ट सामने रख दी। पार्षद ने कहा कि जांच में ढाल का निर्माण गलत तरीके से होने की पुष्टि हो गई है। इसकी दीवार की गुणवत्ता भी बेहद खराब है। नाले की फर्श तोड़कर सही करने की जरूरत है। महापौर ने बताया कि अभी उनको रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट प्राप्त होती ही कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा उन्होंने केकेपुरी स्थित गौतम बुद्ध पार्क का सौंदर्यीकरण कराने, गजानन पार्क में बच्चों के खेलने के लिए उपकरण, म्यूजिकल साउंड, फव्वारा, गार्ड रूप, मूत्रालय, सुसज्जित लाइट व्यवस्था कराने की मांग की। विभिन्न चौराहों पर हाईमास्ट लाइट लगाने का प्रस्ताव दिया।