झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज में जूनियर डॉक्टर व तीमारदारों के बीच आए दिन होने वाली मारपीट की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अब फाउंडेशन कोर्स का सहारा लिया जा रहा है। इसमें जूनियर डाक्टरों को मरीज व उनके तीमारदारों के साथ कुशल संवाद के तरीके समझाए जाएंगे। इसके अलावा अन्य जानकारियां भी दी जाएंगी।
मेडिकल कालेज में जूनियर डॉक्टर व तीमारदारों के बीच मारपीट की घटनाएं आए दिन सुर्खियों में रहती हैं। इससे जहां एक ओर अस्पताल की चिकित्सीय सेवाएं प्रभावित होती हैं, तो वहीं जूनियर डाक्टरों के रवैये को लेकर समाज में गलत संदेश जाता है। इसे दूर करने के लिए मेडिकल कालेज प्रशासन द्वारा अब फाउंडेशन कोर्स का सहारा लिया जा रहा है। दो माह का यह फाउंडेशन कोर्स सभी जूनियर डॉक्टरों के लिए अनिवार्य होगा।
इसमें जूनियर डॉक्टरों को मरीजों व उनके तीमारदारों के साथ सद्व्यवहार की सीख दी जाएगी। इसके अलावा रिसर्च वर्क, पेपर लिखना, प्रेजेंटेशन, प्रयोगात्मक चिकित्सीय शिक्षा आदि की भी जानकारी दी जाएगी। फाउंडेशन कोर्स की जिम्मेदारी डॉ. बीएल वर्मा, डॉ. मांडवी अग्रवाल व डॉ. राजीव सिन्हा को सौंपी गई है। इसके अलावा समय-समय पर मनोवैज्ञानिकों की भी मदद ली जाएगी।
कर्मचारियों को मिला प्रोत्साहन
झांसी। मेडिकल कालेज में अच्छा काम करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने की भी व्यवस्था शुरू की गई है। इसके तहत उत्कृष्ट सफाई कार्य के लिए तीन कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया गया है। जबकि, सफाई व मरीजों की संतुष्टि के मामले में वार्ड क्रमांक पांच को बेस्ट वार्ड का अवार्ड दिया गया है। इसके अलावा फरवरी से सभी वार्डों की अलग-अलग समीक्षा भी होगी।
फाउंडेशन कोर्स फरवरी से प्रारंभ कर दिया जाएगा। इसमें सभी जूनियर डॉक्टरों को अनिवार्य रूप से शामिल होना होगा। इसके अलावा जूनियर डॉक्टरों के प्रत्येक नये बैच को फाउंडेशन कोर्स से होकर गुजरना होगा। व्यवस्थाओं में सुधार व चिकित्सकों के ज्ञान में वृद्धि के लिए इसका आयोजन किया जा रहा है।
- डॉ. एनएस सेंगर, प्रधानाचार्य