जनपद के सरकारी स्कूलों, मदरसों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को 15 जुलाई से मध्याह्न भोजन में दूध वितरित होना है, लेकिन मध्याह्न भोजन प्राधिकरण की ओर से दूध वितरण की गाइड लाइन जारी नहीं होने से शिक्षक पेशोपेश में हैं। वहीं 13 जुलाई को लखनऊ में वितरण के संबंध में आयोजित बैठक ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है।
उल्लेखनीय है कि जनपद के 1,203 प्राथमिक, 575 जूनियर हाईस्कूल, 88 अनुदानित जिनमें दस मदरसे भी शामिल हैं, में अध्ययनरत करीब एक लाख 82 हजार बच्चों को प्रतिदिन मध्यान्ह भोजन वितरण होता है। कन्वर्जन कास्ट के नाम पर प्राइमरी स्कूल में अध्ययरत प्रति बच्चा 3.69 रुपये तो जूनियर हाईस्कूल में 5.38 रुपये विद्यालय को प्राप्त होते हैं। कंवर्जन कास्ट में शिक्षकों को गैस, सब्जी, तेल, मसाले आदि की खरीद करनी पड़ती है। लेकिन अब मध्याह्न भोजन में प्रत्येक बुधवार को प्रत्येक विद्यार्थी को दो सौ ग्राम उबला दूध वितरित कि या जाना है, जिसकी क ास्ट बाजार में लगभग 8 रुपये है। ऐसे में मिल रहे कन्वर्जन कास्ट में दूध की खरीद कैसे हो, इसको लेकर शिक्षक परेशान हैं। क ई शिक्षकोें के मुताबिक अधिकांश दूध विक्रेता विभाग द्वारा दूध की जांच करने की वजह से दूध देने से कतरा रहे हैं। वहीं प्राधिकरण की बैठक वितरण तिथि से ठीक दो दिन पहले होने के कारण शिक्षकों को व्यवस्था बनाने में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।