बसपा सुप्रीमो ने कांग्रेस, भाजपा और सपा पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से देश में कांग्रेस की सरकार रही, लेकिन जनता बेरोजगारी की समस्या से उबर नहीं पाई और देश का विकास भी बाधित रहा। इसी तरह भाजपा और आरएसएस की सरकार में जातिवाद और पूंजीवाद की राजनीति हो रही है, जिसका लाभ देश के चंद-पूंजीपतियों को मिल रहा है। अब जनता भाजपा की नाटकबाजी और जुमलेबाजी के झांसे में आने वाली नहीं है। चुनावी बॉन्ड के मामले से उजागर हो गया कि भाजपा ने चुनाव जीतने के लिए पूंजीपतियों से पैसा लिया। कांग्रेस, भाजपा समेत कई दल इसमें शामिल हैं, लेकिन बसपा ने कभी पूंजीपतियों से पैसा नहीं लिया। बसपा ने जनता से थोडे़-थोड़ पैसे लेकर राजनीति की।
भाजपा और आरएसएस पर साधा निशाना
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में चार बार बसपा के नेतृत्व में सरकार बनी, इस दौरान किसानों को सस्ते दामों पर उपकरण उपलब्ध कराए गए। बुंदेलखंड में पानी की समस्या के निराकरण की दिशा में कार्य किया। भाजपा और आरएसएस की जातिवादी, पूंजीवादी सोच के चलते दलित, मुस्लिमों, पिछड़ों का विकास नहीं हुआ। सरकारी नौकरियों में आरक्षण का कोटा नहीं भरा गया। समाजवादी पार्टी ने सरकार में आने के बाद एससी-एसटी वर्ग के आरक्षण को ही समाप्त कर दिया। वर्तमान में केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा ज्यादातर कार्य निजी कंपनियों से कराए जा रहे हैं, इसके चलते यहां भी आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा।
देश में मुस्लिमों और अल्पसंख्यकों की हालत खराब
मायावती ने कहा कि इन दिनों देश में मुस्लिमों और अल्पसंख्यकों की हालत भी खराब है, सच्चर कमेटी की रिपोर्ट ने इसे उजागर कर दिया है। किसान भी आए दिन आंदोलन कर रहे हैं। सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण मध्य वर्ग भी परेशान है। देश में गरीबी, बेरोजगारी बढ़ रही है, भ्रष्टाचार चरम पर है। देश की सीमाएं भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य बसपा के साथ ही सुरक्षित है, इसलिए बसपा प्रत्याशी को भारी बहुमत से जिताएं, जिससे केंद्र में बसपा की सरकार बन सके।
विरोधियों की कठपुतली बने प्रत्याशी को हटाया
झांसी-ललितपुर लोकसभा सीट से प्रत्याशी बदलने के मामले में मायावती ने कहा कि इस सीट पर कुशवाहा समाज का अधिक प्रभाव है, इसलिए यहां कुशवाहा समाज से प्रत्याशी घोषित किया गया था, लेकिन वह प्रत्याशी विरोधियों के हाथों की कठपुतली बन गया था। इसकी जानकारी होने पर उसे पार्टी से बाहर किया गया। उसके बदले कुशवाहा समाज से ही अयोध्या के रविप्रकाश कुशवाहा को प्रत्याशी बनाया गया है।