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Jhansi News: दुर्दशा का शिकार राष्ट्रकवि डॉ. मैथिलीशरण गुप्त का समाधि स्थल

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संवाद न्यूज एजेंसी

चिरगांव। लेखनी के जरिये देश-विदेश में चिरगांव का नाम रोशन करने वाले राष्ट्रकवि डॉ. मैथिलीशरण गुप्त की स्मृति में बनी समाधि और उद्यान वर्तमान में बदहाल है। उनकी जयंती और पुण्य तिथि पर रस्मी तौर पर यहां सफाई करा दी जाती है, लेकिन अन्य दिनों में यहां की सुध लेने वाला कोई नहीं है। इन दोनों स्थानों पर बिजली न होने से शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। इससे यहां पर असामाजिक तत्वों का डेरा जमा रहता है।



कस्बे में गल्ला मंडी के सामने राष्ट्रकवि की समाधि बनी है। पानी का निकास न होने के कारण इसके मुख्य द्वार पर ही नालियों का गंदा पानी भरा रहता है। समाधि स्थल के अंदर एपेक्स तो बिछे हैं, लेकिन देखरेख और सफाई के अभाव में उनमें घास उग आई है। लोगों के बैठने के लिए बनी कुर्सियों के आसपास झाड़ियां उग आने से कुर्सियां ढक गई हैं। समाधि स्थल को बिजली से रोशन करने के लिए स्टार्टर लगा है तो कटआउट गायब है। इससे यहां शाम के बाद अंधेरा पसरा रहता है।
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तीन अगस्त 1986 को राष्ट्र कवि के जन्म शताब्दी वर्ष पर उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा समाधि के निकट बने उद्यान में उनकी प्रतिमा लगाई गई थी। इसका अनावरण पूर्व राष्ट्रपति आर वेंकटरमन ने अपनी प्रथम यात्रा के दौरान किया था। उस समय उद्यान में बच्चों के खेलने के लिए झूले लगाए गए थे। शाम होते ही दूधिया रोशनी में उद्यान जगमगा उठता था। लोग यहां सुबह-शाम घूमने भी आते थे। अब यहां खेलने के संसाधन ही नहीं हैं।



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शासन-प्रशासन को इस ऐतिहासिक स्थल का सुंदरीकरण कराना चाहिए। यह राष्ट्रीय धरोहर है। यहां पर साहित्यकार, कवियों तथा राजनेताओं का आवागमन बना रहता है। - सौरभ गुप्त, राष्ट्र कवि डॉ. मैथिलीशरण गुप्त के पौत्र





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अपनी रचनाओं से देशभक्ति का शंखनाद करने वाले राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त जी की जन्म स्थली चिरगांव में उनका समाधि स्थल दुर्दशा का शिकार है। यहां देश-विदेश से साहित्यकार और प्रबुद्ध जन आते रहते हैं। समाधि स्थल का सुंदरीकरण पर ध्यान देना चाहिए। - रामप्रकाश गुप्ता, साहित्यकार





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दद्दा जी बुंदेलखंड की शान थे। समाधि स्थल के सुंदरीकरण के साथ ही नगर में रामनगर तिराहे पर उनकी प्रतिमा लगनी चाहिए। - रमाकांत नीखरा, व्यापार मंडल अध्यक्ष
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समाधि स्थल के सुंदरीकरण के लिए शासन द्वारा 40 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस वित्तीय वर्ष में इस धनराशि के आने की उम्मीद है। जैसे ही शासन से राशि आएगी, कार्य शुरू करा दिया जाएगा। हालांकि, अभी सफाई नगर पालिका द्वारा कराई जाती है। - प्रेमनाथ वर्मा, अधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका
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