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मस्जिदें तैयार, माहे रमजान का इंतजार

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swachhata - फोटो : demo
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झांसी। इबादत का महीना रमजान 6 या 7 मई से शुरू होगा। मुकद्दस रमजान में नमाजियों की संख्या में काफी इजाफा हो जाता है। इसलिए शहर भर की मस्जिदों की साफ-सफाई के साथ ही रंग रोगन का काम भी अंतिम चरणों में है। चांद के दीदार होते ही शहर भर की मस्जिदों में तरावीह की नमाज शुरू होगी। अगले दिन रमजान का पहला रोजा होगा।
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रविवार को चांद का दीदार होता है तो सोमवार से रमजान का महीना शुरू हो जाएगा। चांद की तस्दीक होते ही शहर भर की मस्जिदों में नमाजे तरावीह शुरू होगी। माहे रमजान में इबादतों का दौर शुरू हो जाता है। इस महीने में सवाब का दर्जा अन्य दिनों के मुकाबले में सत्तर गुना अधिक होता है। इस महीने में लोग ज्यादा से ज्यादा वक्त इबादत में गुजारना पसंद करते हैं। शहर भर की मस्जिदों में पांच वक्त की नमाजों में नमाजियों की तादाद अधिक हो जाती है। माहे रमजान में बच्चों के साथ बड़ों का भी रोजा व इबादत का सिलसिला शुरू होगा। शहर की मस्जिदों के अलावा घरों में कुरान की तिलावत का सिलसिला तेज होगा। रमजान में पढ़ी जाने वाली विशेष नमाज तरावीह के लिए भी मस्जिदों को सजाया व संवारा जा रहा है। मस्जिदों में रोजेदारों के लिए कूलर, पंखों के अलावा एसी के भी इंतजाम किए गए हैं।
मुफ्ती साबिर कासमी ने बताया की माहे रमजान बड़ा ही पाक व बरकतों वाला महीना है। रमजान में अल्लाह तआला रोजेदारों की खिदमत के लिए फरिश्तों को लगा देते हैं। रोजेदार के दुआ मांगने पर फरिश्ते आमीन कहते हैं। इस महीने में सवाब का दर्जा सत्तर गुना अधिक होने के कारण हर कोई अधिक से अधिक समय मस्जिद में रहकर इबादत में गुजारना चाहता है। इफ्तार के वक्त भी रोजेदारों की संख्या अधिक होती है। वैसे तो हमेशा ही मस्जिदों में साफ-सफाई रहती है, लेकिन रमजान व रोजेदारों के इस्तकबाल के लिए मस्जिदों को तैयार कर दिया गया है।
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घरों की रगाई पुताई व सफाई भी अंतिम दौर में
माहे रमजान की तैयारियों को लेकर शहर भर की मुस्लिम बस्तियों के घरों में साफ-सफाई के साथ ही पुताई का काम भी अंतिम दौर में पहुंच गया है।


हाफिजों ने दोहराया कुरान
चांद के दिखते ही तरावीह की नमाज हाफिज कुरान की तिलावत करते हैं। इसलिए कई मस्जिदों में नए हाफिज भी आए हैं। वह तरावीह की नमाज पढ़ाने के लिए मस्जिदों व मदरसों में कुरान दोहरा रहे हैं। 
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