मेंटेनेंस तो कहीं फाल्ट के नाम पर गुल हो रही है बत्ती
झांसी। गर्मी में बिजली विभाग 24 घंटे बिजली देने में असफल साबित हो रहा है। कभी मेंटेनेंस के नाम पर तो कभी फाल्ट या ओवरलोडिंग के नाम पर बिजली काटी जा रही है। बिजली की आवाजाही ने लोगों का चैन छीन रखा है।
कभी मेंटेनेंस, ट्रांसफार्मर फुंकने, कभी फाल्ट तो कभी ओवरलोडिंग के कारण बिजली का संकट बना हुआ है। पिछले 15 दिन के भीतर कई इलाकों में फाल्ट के कारण बिजली आपूर्ति ठप रहने की शिकायत रही। सबसे ज्यादा परेशानी नंदनपुरा, प्रेमनगर, गल्लामंडी, मुन्नालाल, सूती मिल, जेल चौराहा, रानीमहल सबस्टेशन से जुड़े लोग परेशान हैं। हालांकि, इस बार गर्मियों में बिजली की समस्या न हो, इसके लिए विभाग ने पूरी तैयारी करने का दावा किया था। इसके लिए सभी सबस्टेशनों पर मेंटेनेंस का काम किया गया। वहीं, विभाग ने गल्ला मंडी सबस्टेशन और सिविल लाइन स्थित हाइडिल कालोनी में नए सबस्टेशन इस बार चालू कर लिए हैं। इससे भगवंतपुरा, शिवाजी नगर, डड़ियापुरा, नारायण बाग तिराहा, राजपूत कॉलोनी, जेडीए कॉलोनी, कानपुर चुंगी, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, वीरांगना नगर, इलाइट, सर्किट हाउस, टेलीफोन एक्सचेंज फीडर को लाभ हो गया है। मगर, इसके बाद भी गर्मियों में बिजली जाने का सिलसिला थम नहीं रहा है।
मालूम हो कि महानगर में 15 सबस्टेशन हैं। इन सबस्टेशनों से 100 फीडर जुड़े हैं, जिनसे महानगर के 1.04 लाख उपभोक्ताओं के घर में बिजली पहुंचती है।
‘कोई अघोषित कटौती नहीं की जा रही है। मेंटेनेंस कार्य के दौरान ही बिजली सप्लाई बंद की जा रही है। कोई बड़ी दिक्कत न हो, इसके लिए ट्रांसफार्मर व केबिल के मेंटेनेंस पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।’ गौरव कुमार, प्रभारी अधीक्षण अभियंता
बिजली कटौती का जलापूर्ति पर पड़ रहा असर
बिजली कटौती का सीधा असर शहर की जलापूर्ति पर पड़ रहा है। नगर के अलग- अलग तेरह स्थानों पर बनी पानी की टंकियों को एक बार भरने में कम से कम लगातार छह से आठ घंटे बिजली की आवश्यकता पड़ती है। लगातार बिजली न मिलने के कारण पानी की टंकियां समय पर नहीं भर पा रही हैं। इससे जलापूर्ति का समय गड़बड़ा गया है। इस कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
कूड़ा डलने से जेई परेशान
विगत 30 अप्रैल को बाहर दतिया गेट के परकोटे के पास रखे तीन बिजली ट्रांसफार्मरों (परिवर्तक) में आग लग गई थी। हादसे से क्षेत्र के आठ सौ घरों में अंधेरा छा गया था तो विभाग को भी एक लाख रुपये से अधिक की क्षति हुई थी। दरअसल, लोग ट्रांसफार्मरों के पास कूड़ा डाल देते हैं। कूड़े में अगर आग लग जाए तो वह ट्रांसफार्मर को भी अपने चपेट में ले ली है। इससे नुकसान तो होता ही है, बिजली भी गुल हो जाती है। शुक्रवार को उपखंड अधिकारी धर्मवीर सिंह और अवर अभियंता सुनील गौतम ने दतिया गेट क्षेत्र के ट्रांसफार्मरों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकांश ट्रांसफार्मरों के पास कूड़ा डला पाया गया।