अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। कानपुर-झांसी हाइवे पर हुए सड़क हादसे में घायल श्वेता पांडेय (27) ने उपचार के दौरान मंगलवार देर-रात दम तोड़ दिया जबकि घायल महिला अधिवक्ता प्रियंका की हालत अभी तक नाजुक बनी हुई है। उपचार के लिए उसे प्राइवेट चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। चिकित्सक उसकी गहन निगरानी कर रहे हैं। उधर, हादसे की खबर मिलते ही श्वेता के परिजन झांसी पहुंच गए। उसकी मौत से परिवार में रोना पिटना मचा है।
परिजनों ने बताया श्वेता की छह माह पहले लखनऊ के अलीगंज निवासी श्वेतांक पांडेय से शादी हुई थी। श्वेतांक अहमदाबाद स्थित एक प्राइवेट कंपनी में इंजीनियर हैं। श्वेता लखनऊ में रहकर सिविल सेवा की तैयारी कर रही थीं। पड़ोस में रहने वाले अधिवक्ता योगेंद्र नारायण (30) ने बागेश्वर धाम जाने का प्लान बनाया था। उनके साथ प्रैक्टिस करने वाले सत्यम मिश्रा (32), श्वेता एवं उसकी बहन प्रियंका भी चलने को राजी हो गईं। प्रियंका भी इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में प्रैक्टिस करती हैं। मंगलवार सुबह सभी कार से बागेश्वर धाम के लिए निकले।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दिगारा बाईपास के पास अचानक रॉग साइड से तेज रफ्तार ट्रक उनकी कार के सामने आ गया। जिससे ट्रक एवं कार की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। हादसे में गंभीर रूप से घायल योगेंद्र की मौके पर मौत हो गई जबकि सत्यम, श्वेता एवं प्रियंका को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। श्वेता एवं प्रियंका की हालत भी नाजुक थी। उपचार के दौरान मंगलवार देर-रात श्वेता की मौत हो गई। निरीक्षक संतोष अवस्थी का कहना है प्रियंका को भी निजी अस्पताल भेजा गया है जबकि सत्यम की हालत अभी स्थिर बनी है।