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मैरिज हाल कर रहे बेहाल, नोटिस जारी

Fri, 25 Nov 2016 12:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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illegal parking jhansi - फोटो : demo
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ज्यादातर मैरिज हाल नियम और कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं। न तो उन्हें मैरिज हाल के आसपास रहने वालों की परवाह है और न ही सामने के आवागमन की। आए दिन समारोह के दौरान मैरिज हालों के सामने बड़े पैमाने पर कारें और अन्य वाहनों का जमावड़ा होता है जिससे आवागमन प्रभावित रहता है। साथ ही मैरिज हाल और शहर के विभिन्न इलाकों में विवाह समारोहों की बेतरतीब होर्डिंगें तन गए हैं, जो राहगीरों के लिए खतरा बने हैं। झांसी विकास प्राधिकरण ने अब कुछ मैरिज हालों को नोटिस जारी कर पूछा है कि पार्किंग का इंतजाम क्यों नहीं किया?
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सहालग शुरू होने ही विवाह घरों में रौनक आ गई है। शहर के अधिकांश विवाह घरों में पार्किंग की सुविधा नहीं है। ऐसे में विवाह घर के संचालक सड़कों पर दो और चार पहिया वाहन खड़े करा देते हैं। इससे सड़क पर जाम की स्थिति बनने से लोगों को परेशानी होती है। नियमानुसार विवाह घर की जमीन पर ही पार्किंग का इंतजाम होना चाहिये। तभी विवाह घर बनाने की अनुमति मिलती है। लेकिन शहर के ज्यादातर विवाह घरों में पार्किैंग है ही नहीं। समारोह में आमंत्रित लोग मैरिज हाल के सामने या आसपास सड़कों और गलियों में वाहन खड़े कर देते हैं। इसके वहां रहने वालों को भी खासी दिक्कत होती है।
विवाह समारोहों के बेतरतीब होर्डिंग भी बड़ा खतरा हैं। होर्डिंग के नुकीले किनारे सड़कों तक निकले हैं। डिवाइडरों पर भी क्यिास्क की जगह 15 फुट लंबे और तीन फुट चौड़े पट लगा दिए हैं, जिनके किनारे सड़क तक निकले हैं। यह नजारा ग्वालियर रोड क्रासिंग से बीकेडी चौराहे तक देखा जा सकता है। इनसे वाहन चालकों का ध्यान भंग होता है और दुर्घटना की आशंका होती है। आयुर्वेदिक कालेज के आसपास होर्डिंग टांग दिए गए हैं। नगर निगम भी अनदेखी कर रहा है। गौरतलब है कि तीन महीने पहले अमर उजाला ने ऐसी बेतरतीब होर्डिंग के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया था। तब नगर निगम ने कार्रवाई की थी और ऐसे होर्डिंग हटा दिए थे। लेकिन अब फिर वही हालात बन रहे हैं।
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ये हैं खामियां
- झांसी विकास प्राधिकरण के अनुसार कोई भी विवाह घर बनाने के लिए सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण शर्त यह है कि जहां विवाह घर बनना है, उसके पास सड़क की चौड़ाई न्यूनतम 24 मीटर होनी चाहिए। लेकिन, शहर में नियमों की अनदेखी की जा रही है और छोटी-छोटी गलियों में भी विवाह घर बना लिए गए हैं।
- नियमों के अनुसार सौ वर्गमीटर के क्षेत्रफल पर पार्किंग स्थल होना जरूरी है। इसके अलावा विवाह घर का मानचित्र स्वीकृत कराने के लिए जेडीए में आवेदन करने से पहले तहसील, अग्निशमन विभाग, नगर निगम व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी लेना अनिवार्य है। लेकिन, इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस कारण शहर में अमान्य विवाह घरों की बाढ़ सी आ गई है।
- यह भी नियम है कि विवाह घर ऐसी किसी जगह नहीं बनाया जाए, जहां आवागमन सुविधा सुचारु न हो। वहां बड़े वाहन भी पहुंच सकें। अग्निशमन के पुख्ता इंतजाम हों।


पार्किंग नहीं होगी तो करेंगे सील
बिना पार्किंग वाले विवाह घरों के संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। जिन विवाह घरों में पार्किंग नहीं होंगे उन्हें सील कर दिया जाएगा। कितने विवाह घर संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं, इसकी जानकारी अभी नहीं है।
चंद्रविजय सिंह
जेडीए उपाध्यक्ष 

व्यावसायिक लाइसेंस जरूरी
नगर निगम सीमा में कोई भी विवाह घर बनाने के लिए व्यावसायिक लाइसेंस लेना जरूरी है। समय-समय पर लाइसेंस की जांच की जाती है। पार्किंग की सुविधा ज्यादातर विवाह घरों में नहीं है। 
- रोहन सिंह
प्रभारी नगर आयुक्त 

होगी कार्रवाई
विवाह घर संचालक यदि सड़क पर पार्किंग कराते हैँ तो, अभियान चलाकर वाहनों का चालान किया जाएगा। टीमें गठित करके सड़क पर खड़े वाहनों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
- सुभाष चंद्र यादव
यातायात प्रभारी

पार्किंग तो जरूरी है
विवाह घर में पार्किंग होना अनिवार्य है। लेकिन, पार्किंग होने के बाद भी बहुत सी गाड़ियां सड़क पर लग जाती हैं। इसके समाधान के लिए सभी विवाह घर संचालकों ने तय किया है कि 12-12 सुरक्षा गार्ड लगाए जाएंगे। 
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- विवेक स्वामी
महामंत्री, बुंदेलखंड विवाह स्थल एसोसिएशन
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