मां को फोन पर बताकर कूदी थी मान्या
झांसी। मंगलवार तड़के एमबीबीएस की छात्रा मान्या तिवारी ने सुबह करीब 5.30 बजे मां कोे फोन कर बताया कि वह सुपर स्पेशियलिटी की इमारत से कूदकर आत्महत्या करने जा रही है, यह सुनकर मां के हाथ पैर कांप गए। जब तक मां उसे समझाने का प्रयास करती, तब तक फोन कट चुका था। घबराकर मां ने वार्डन को फोन कर जानकारी दी। वार्र्डन तुरंत साथियों के साथ इमारत के पास पहुंचीं। दूर से छत पर खड़ी नजर आई छात्रा को सभी इशारे से रोकने का प्रयास करते, लेकिन जब तक मान्या कूद चुकी थी। तुरंत ही सभी लोग उठाकर इमरजेंसी वार्ड लेकर पहुंचे, लेकिन जब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
एमबीबीएस की छात्रा मान्या का मंगलवार सुबह दस बजे पेपर होना था। सभी साथी अपनी - अपनी पढ़ाई में लगे थे, लेकिन मान्या का मन कहीं और भटक रहा था। साथी छात्राओं ने टोका भी था, लेकिन मान्या ने अनसुना कर दिया था। बताया गया है कि दो दिन पहले परीक्षा हुई थी। परीक्षा खराब होने के बाद से ही वह तनाव में आ गई थी। सोमवार व मंगलवार रात जागने के बाद सुबह करीब 5.30 बजे मां को फोन किया। उसने कहा मां वह मेडिकल कॉलेज में बने सुपर स्पेशियलिटी इमारत से कूदकर जान देने जा रही है। यह सुनकर मां के हाथ पांव कांप गए। इससे पहले वह उसे रोकती, तब तक फोन कट चुका था। इसके बाद मां ने पुन: फोन लगाया, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। 5.43 बजे मां ने घबराकर हॉस्टल की वार्डन डॉ. संजया शर्मा को फोन कर मामले की जानकारी देकर स्थान भी बताया। यह सुनते ही घबराईं वार्डन भी साथियों को खबर देकर मान्या की जानकारी लेने लगीं। जहां पता चला कि वह एटीएम से रुपये निकालने की कहकर हॉस्टल से निकली है। घबराकर सभी तुरंत सुपर स्पेशियलिटी इमारत की तरफ भागे। जहां इमारत की छत पर मान्या को खड़ा देखकर सभी ने इशारा कर रोकने का प्रयास किया। इससे पहले सभी कुछ समझ पाते, उन्हीं के सामने छात्रा इमारत से कूद गई। मौके पर पहुंचकर सभी तुरंत इमरजेंसी वार्ड लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पाकर नवाबाद व विश्वविद्यालय पुलिस ने भी पहुंचकर घटना की जानकारी ली। साथी चिकित्सक घटना की सूचना परिजनों को दे चुके थे। खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा। बताया गया है कि मृतका के पिता डॉ. आशीष तिवारी कानपुर आईआईटी में प्रोफेसर हैं। इस घटना ने पूरे परिवार को हिलाकर रख दिया है।
पढ़ार्ई में होनहार थी
मेडिकल कॉलेज के सीनियर चिकित्सकों के अनुसार मान्या पढ़ाई में होनहार थी। बिना कोचिंग पढ़े ही उसका एमबीबीएस में चयन हुआ था। इसके अलावा, उसने आईआईटी प्री की भी परीक्षा पास कर ली थी लेकिन उसका लक्ष्य डॉक्टर बनना था, इसीलिए उसने झांसी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश ले लिया।