झांसी। सीमावर्ती क्षेत्र होने की वजह से वाहन चोरी पर अंकुश नहीं लग रहा है। झांसी व ललितपुर से चुराए गए वाहन मध्यप्रदेश तो मध्यप्रदेश से चुराए वाहन झांसी व ललितपुर में बेचे जा रहे हैं। चोरी के वाहन काटकर कबाड़ में सप्लाई किए जा रहे हैं। वाहन चोरों से निपटने के लिए मध्यप्रदेश व उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों के कप्तान सोमवार को छतरपुर में बैठक कर योजना बनाएंगे।
पुलिस की शिथिलता की वजह से शहर में वाहन चोर गिरोह काफी सक्रिय हो गए हैं। चालू वर्ष में एक भी दिन ऐसा नहीं गुजरा है, जिस दिन दो-तीन थानों पर वाहन चारी की रिपोर्ट दर्ज न की गई हो। पुलिस भी रिपोर्ट दर्ज कर इतिश्री कर लेती है। ऐसा कभी भी देखने को नहीं मिला कि वाहन चोरी की सूचना वायरलेस पर प्रसारित होने के बाद किसी भी थाने की पुलिस ने वाहन की तराश की हो। यही वजह है कि गिरोह आसानी से वाहन चोरी कर भागने में सफल हो रहे हैं।
थानों के आंकड़ों के अनुसार एक जनवरी से 31 मार्च तक नवाबाद से करीब 72, कोतवाली से 28, सीपरी बाजार से 40, प्रेमनगर से 32, सदर बाजार से 18 वाहन चोरी हुए हैं। इनमें से कुछ की रिपोर्ट पुलिस ने दर्ज की है और कुछ फरियादी इधर-उधर चक्कर लगाते फिर रहे हैं। कमोबेश यही हालात मध्यप्रदेश के सीमावर्ती जिले दतिया, ग्वालियर, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर आदि में हैं। इसके चलते सोमवार को छतरपुर में दोनों प्रदेशों के सीमावर्ती जिलों के कप्तानों की बैठक बुलाई गई है, जिसमें वाहन चोर गिरोहों की धरपकड़ की रणनीति बनाई जाएगी।
एसएसपी मनोज तिवारी ने बताया कि छतरपुर में बनने वाली रणनीति पर संयुक्त रूप से पुलिस काम करेगी ताकि वाहन चोरों पर अंकुश लग सके। उन्होंने बताया कि सूत्रों से पता चला है कि जिले के अंदर कई जगह पर चोरी के वाहन काटकर कबाड़ में बेचे जा रहे हैं। इसको करने वालों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए पुलिस टीमों को लगा दिया गया है। जल्द ही वाहन चोरी पर पूरी तरह से अंकुश लगा दिया जाएगा।