झांसी। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में हैरतअंगेज ढंग से भाजपा उम्मीदवार निर्विरोध चुनाव जीतने में कामयाब रहे जबकि सपा उम्मीदवार नामांकन तक दाखिल नहीं कर पाए। सियासी जगत में सपा की शिकस्त से अधिक चर्चा उसके उम्मीदवार के नामांकन न दाखिल कर पाने की रही। सियासी सूत्रों पर भरोसा करें तब सपा को मिली इस पटकनी की पटकथा चुनाव से कुछ दिनों पहले यहां आए सूबे के कद्दावर मंत्री के आने के बाद ही लिख दी गई थी।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक भाजपा का प्रमुख चुनावी चेहरा माने जाने वाले कद्दावर मंत्री ने आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए साफ तौर पर जिपं अध्यक्ष एवं ब्लॉक प्रमुख की सीटों पर जीत दर्ज करने की पुख्ता रणनीति तैयार करने को कहा था। उन्होंने विधायक समेत सभी पदाधिकारियों को बुलाकर इसकी जिम्मेदारी सौंपी। इसी रणनीति का नतीजा रहा कि भाजपा ने हैरतअंगेज तरीके से सपा की माने जाने वाली झांसी की जिपं अध्यक्ष की सीट जीतने में कामयाबी पाई। बताया जा रहा कि पार्टी ब्लॉक प्रमुख चुनाव में भी कुछ ऐसी ही रणनीति पर काम करने की तैयारी में है। ब्लॉकों से ऐसे उम्मीदवार तलाशे जा रहे, जिनके पास समर्थन जुटाने की क्षमता हो। बबीना विधायक राजीव पारीछा, मऊरानीपुर विधायक बिहारी लाल आर्या एवं गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत के साथ ही पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों को किला फतेह करने की जिम्मेदारी दी गई है। ब्लॉक प्रमुख की सीट जितने से ही इन विधायकों का राजनीतिक कद भी तय होगा। अगर पार्टी के भीतर भिताराघात नहीं हुआ तब अधिकांश सीटों पर जिपं अध्यक्ष की कहानी दुहराई जा सकती है।