फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दोबारा चेक कर लें अपना फेसबुक अकाउंट, आप पर हो सकती है अगली कार्रवाई, 300 आईडी हो चुकी है ब्लॉक

Sat, 21 Dec 2019 01:13 PM IST
प्राची प्रियम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

नागरिकता कानून को लेकर होने वाले बवाल के बीच सोशल मीडिया की निगरानी कर रही पुलिस ने भड़काऊ पोस्ट वाली 300 फेसबुक आईडी ब्लॉक कर दी हैं। इन सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी हो रही है। पुलिस की साइबर और सर्विलांस टीम को अब तक जो जानकारी हुई है उसके मुताबिक फर्जी नाम-पते से फेसबुक एकाउंट बनाकर जहरीले मैसेज भेजे जा रहे हैं। 

विज्ञापन


कुछ लोगों की पहचान भी कर ली गई है, जिन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लाइक और कमेंट्स करने वाले भी जांच के घेरे में होंगे। प्रदेश में बढ़ते बवाल को देखते हुए हालांकि कई जिलों में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है, लेकिन जिन जिलों में इंटरनेट चल रहा है वहां सोशल मीडिया पर खूब भड़काऊ मैसेज दौड़ रहे हैं। झांसी, ललितपुर, महोबा समेत बुंदेलखंड के जिलों में कई ऐसे मैसेज पुलिस की आईटी सेल ने चिन्हित किए हैं जो माहौल खराब कर सकते हैं। 

इन मैसेज के जरिए धार्मिक भावनाओं को भड़काया जा रहा है। पुलिस ने फिलहाल ऐसी फेसबुक आईडी को ब्लॉक कराना शुरू कर दिया है। एक-एक मैसेज को आईटी टीम बारीकी के साथ पढ़ रही है। करीब 300 फेसबुक आईडी ब्लॉक कर दी गईं हैं। एसएसपी डा. ओपी सिंह ने बताया कि माहौल खराब करने वाले संदेशों से बचें। भड़काऊ संदेश करने वाले चार लोगों को गिरफ्तार कर पुलिस जेल भेज चुकी है। 
विज्ञापन


आरोपियों पर धारा 153 (ए) (धार्मिक उन्माद फैलाने की कोशिश) के तहत करवाई की जा रही है। थाना सीपरी बाजार क्षेत्र में भी धार्मिक भावनाएं भड़काने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। नंदनपुरा निवासी इरशाद मंसूरी ने फेसबुक पर भड़काऊ संदेश पोस्ट कर दिया, जिसकी शिकायत मिलते ही सतर्क हुई पुलिस ने आरोपी पर एफआईआर दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि इरशाद मंसूरी लगातार कुछ इस तरह के मैसेज फेसबुक पर डाल रहा था जिससे माहौल बिगड़ रहा था। कुछ लोगों ने उसकी शिकायत की थी। पुलिस ने जांच के बाद मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया। 

विज्ञापन

क्या है धारा 153(ए)

आईपीसी की धारा 153, 7(ए) उन लोगों पर लगाई जाती है, जो धर्म, भाषा, नस्ल वगैरह के आधार पर लोगों में नफरत फैलाने की कोशिश करते हैं। धारा 153 (ए) के तहत 3 साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। अगर ये अपराध किसी धार्मिक स्थल पर किया जाए तो 5 साल तक की सजा और जुर्माना भी हो सकता है।

इन बातों का रखें ध्यान

  • सोशल मीडिया पर किसी अफवाह पर ध्यान न दें।
  • किसी धर्म समुदाय से जुड़ी तस्वीरों को कोई अप्रिय टिप्पणी न करें।
  • किसी ग्रुप में ऐसी हरकत होने पर तत्काल उसे डिलीट करें
  • फेसबुक पेज पर ऐसे लोगों से कतई दोस्ती न करें।
  • किसी भी विवादित मसले पर टिप्पणी से बचें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें