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फीडरों पर तैनात होंगे मैनेजर

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बिजली चोरी वाले फीडरों पर तैनात होंगेे ‘फीडर मैनेजर’
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- महानगर के 17 फीडरों पर नियुक्त किए जाएंगे
- 50 से अधिक जुड़े हैं मुहल्ले
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बिजली विभाग महानगर के ज्यादा लाइन लॉस व चोरी वाले 17 फीडरों की निगरानी के लिए अब टीजी टू (तकनीकी कर्मचारी) को ‘फीडर मैनेजर’ के रूप में तैनात करने जा रहा है। इन फीडरों से 50 से अधिक मुहल्ले जुड़े हैं। विभाग को उम्मीद है कि फीडर मैनेजरों की तैनाती के बाद संबंधित क्षेत्रों में लाइन लॉस व बिजली चोरी पर रोक लग सकेगी। इससे संबंधित क्षेत्रों को अन्य इलाकों की तरह बेहतर बिजली मिल सकेगी।
महानगर के 16 सबस्टेशनों से 100 से अधिक फीडर जुड़े हैं। विभाग के तमाम प्रयासों के बाद भी 17 फीडरों पर 50 प्रतिशत से अधिक लाइन लॉस व बिजली चोरी हो रही है। इनमें गल्ला मंडी सबस्टेशन से जुड़े तालपुरा, ओरछा गेट, बड़ा बाजार, लक्ष्मीगेट, हंसारी सबस्टेशन से जुड़े बरुआसागर, बड़ागांव, सारंध्रा नगर, मेडिकल सबस्टेशन से जुड़े कोछाभांवर, मुन्नालाल सबस्टेशन से जुड़े दतिया गेट, रानीमहल सबस्टेशन से जुड़े गुरुद्वारा, सीपरी बाजार सबस्टेशन से जुड़े खालसा, सूतीमिल सबस्टेशन से जुड़े थापक बाग, कांशीराम कॉलोनी, आईटीआई व उनाव गेट पंचवटी सबस्टेशन से जुड़े थापक तथा नारायण बाग फीडर शामिल हैं।
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विभाग अब इन फीडरों की निगरानी के लिए टीजी टू कर्मचारी (तकनीकी कर्मचारी) को ‘फीडर मैनेजर’ के रूप में तैनात करने जा रहा है, ताकि संबंधित क्षेत्रों में चोरी व लाइन लॉस का ग्राफ गिरकर बीस प्रतिशत से कम आ सके। इन फीडरों पर अच्छे परिणाम आने के बाद 50 प्रतिशत से कम लाइन लॉस व चोरी वाले फीडरों पर फीडर मैनेजरों को तैनात किया जाएगा। अगर वह अपने काम में सफल नहीं हो सके तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
फीडर मैनेजरों (फीडर प्रभारी) के नाम तय कर दिए गए हैं। जल्द ही वह अपने कार्य क्षेत्र में काम करने लगेेंगे। जिस फीडर की जिसके पास जिम्मेदारी होगी, उस फीडर मैनेजर को संबंधित क्षेत्र के राजस्व से जुड़े सभी काम देखने होंगे।
राकेश वार्ष्णेय, अधीक्षण अभियंता (महानगर)।
यह काम देखेंगे
- खराब मीटर बदलवाना।
- चोरी व लाइन लॉस पर नजर रखना।
- गलत बिलों को दुरुस्त कराना।
- बकायेदारों से बकाया राशि जमा कराना।
यह भी जानिए
महानगर के प्रत्येक सबस्टेशन से चार से सात फीडर जुडे़ हैं। जैसे कि एक सबस्टेशन से 40 मुहल्लों को बिजली दी जाती हैं, तो विभाग हर दिशा के दस मुहल्लों को जोड़कर एक फीडर बना देता है। यानी इन मुहल्लों तक जो बिजली की लाइनें जा रही हैं, वह संबंधित फीडर से जुड़ी रहेंगी। उन मुहल्लों में जो नामी जगह रहती है उसके नाम से फीडर का नाम रख दिया जाता है।
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36 करोड़ कर दिया गया है लक्ष्य
उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन ने अभी झांसी महानगर को 32 करोड़ रुपये मासिक लक्ष्य दे रखा था। मगर, अब इस लक्ष्य को बढ़ाकर 36 करोड़ कर दिया गया है। मालूम हो कि महानगर में एक लाख 20 हजार उपभोक्ता हैं, जो महीने में 36 करोड़ से अधिक की बिजली का उपभोग करते हैं। बदले में विभाग को हर महीने 32 से 33 करोड़ की राजस्व मिल पाता है।
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