मंडियों के खुलेंगे ताले, दुकान और गोदामों का नए सिरे से होगा आवंटन
झांसी। बुंदेलखंड विशेष पैकेज के तहत ग्रामीण अवस्थापना केंद्र और एग्रीकल्चर मार्केटिंग हब बनाए गए थे, जिनमें दुकानों और गोदामों की व्यवस्था की गई थी। कारोबारियों ने दुकान व गोदाम आवंटित तो करा लिए, परंतु कारोबार शुरू नहीं किया। ऐसे में मंडियों में ताले ही लटके रहे, जो अब खुलने जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने किसानों के हित में नए सिरे से आवंटन की प्रक्रिया शुरू कराई है।
बुंदेलखंड विशेष पैकेज के तहत जिले में छह ग्रामीण अवस्थापना केंद्रों का निर्माण किया गया था। इनमें ‘सी’ श्रेणी की 24 और ‘बी’ श्रेणी की 16 दुकानें उपलब्ध हैं। इसके अलावा छह गोदाम भी हैं। इनमें से प्रत्येक गोदाम की क्षमता 500 मीट्रिक टन है। बबीना, राजापुर व बैदोरा में एग्रीकल्चर मार्केटिंग हब बनाए गए थे। इनमें भी दुकानें बनाईं गईं थीं। सभी का आवंटन साल 2014-15 में कर दिया गया था। बावजूद इसके कारोबार अब तक शुरू नहीं हो पाया है। सभी मंडियों में ताले लटके हुए हैं। इसके लगातार बंद पड़े रहने की वजह से मंडियों के परिसर में झाड़ियां उग आई हैं। किसानों को इनका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। लेकिन, अब जिलाधिकारी आंद्रा वामसी के निर्देश पर इनके आवंटन की प्रक्रिया नए सिरे से शुरू की गई है। कारोबार न करने वाले पुराने आवंटियों का आवंटन निरस्त किया जाएगा। निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर नए लोगों को दुकानों की चाबी थमाई जाएगी। इसके लिए मंडी परिषद की कई व्यक्तियों व संस्थाओं बातचीत हो चुकी है। इन मंडियों में खाद, बीज, कीटनाशक और कृषि यंत्रों का कारोबार होगा। इसके अलावा कृषि उत्पादों की खरीद-फरोख्त व मत्स्य कारोबार भी होगा।
दुकान का किराया सिर्फ 100 रुपये
झांसी। मंडी सचिव पंकज कुमार शर्मा ने बताया कि दुकानों का आवंटन नीलामी पद्धति से होगा। प्रीमियम दुकान निर्माण पर आई लागत का दस फीसदी तय किया गया है। मासिक किराया महज 100 रुपये प्रतिमाह है, जिसमें प्रत्येक वर्ष तीन फीसदी की वृद्धि का प्रावधान है।
वर्जन
बुंदेलखंड पैकेज के तहत ग्रामीण अवस्थापना केंद्र व एग्रीकल्चर मार्केटिंग हब का निर्माण किसान हित में किया गया था। लेकिन, कई आवंटियों ने आवंटन के बाद इनका उपयोग नहीं किया। ऐसे आवंटियों के आवंटन निरस्त किए जाएंगे। नए लोगों को दुकान और गोदाम आवंटित किए जाएंगे। इस दिशा में मंडी परिषद की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। - आंद्रा वामसी, जिलाधिकारी