मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा एवं जिलाधिकारी आंद्रा वामसी ने बुधवार सुबह अलग-अलग कार्यालयों में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान दर्जनों अनुभाग में अफसर समेत बाबू गैरहाजिर मिले। कमिश्नर के पहुंचने तक विद्युत यांत्रिक अनुभाग में ताला तक नहीं खुल था। आला अफसरों के पहुंचते ही कर्मचारियों को फोन करके दफ्तर बुलाया जाने लगा हालांकि जिलाधिकारी ने अनुपस्थित कर्मचारियों के वेतन काटने के निर्देश दिए हैं।
बृहस्पतिवार सुबह करीब पौने दस बजे ही मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा सबसे पहले वह पीडब्ल्यूडी पहुंचे। यहां अधिशासी अभियंता निर्दोष कुमार सुमन समेत बारह कर्मचारी अनुपस्थित मिले। प्रांतीय खंड में अधिशासी अभियंता सुनील कुमार भी नहीं थे।
विश्व बैंक खंड में अधिशासी अभियंता एक दिवाकर भी कार्यालय नहीं पहुंचे थे। यहां चौदह लोगों के स्टॉफ में सिर्फ वरिष्ठ सहायक अशोक कुमार मिले। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में अधिशासी अभियंता विजय सिंह समेत पूरा स्टॉफ नदारद था। विद्युत यांत्रिक खंड में ताला लटका मिला। इसके बाद कमिश्नर पशु चिकित्सालय पहुंचे यहां भी तमाम कर्मचारी अनुपिस्थत पाए गए। कमिश्नर ने नाराजगी जताते हुए सबसे स्पस्टीकरण तलब किया है।
उधर, जिलाधिकारी सुबह करीब सवा दस बजे सेवायोजन कार्यालय पहुंचे। यहां तीन अधिकारी समेत चार कर्मचारी अनुपस्थित मिले। यहां से जिलाधिकारी सीधे विकास भवन पहुंचे और सीधे अनुभागों की ओर पहुंच गए। जिलाधिकारी को देख कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया। तमाम अधिकारी एवं कर्मचारी तब तक कार्यालय नहीं पहुंचे थे।
कई कर्मचारी पार्किंग पर खड़े होकर गप्पे लड़ा रहे थे। डीएम को देखते ही वह भी आनन-फानन में अपनी कुर्सियों तक पहुंचे। दर्जनों कर्मचारी दोपहर बारह बजे तक आते हैं। ऐसे कर्मचारियों को ऑफिस से फोन करके बुलाया गया लेकिन, जिलाधिकारी ने उसके पहले ही उपस्थिति पंजिका रखवा ली। इस दौरान कुल चार अधिकारी एवं 20 कर्मचारी नदारद मिले। जिलाधिकारी ने इन सभी के एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया है।
घर से ही काम कर रहा कृषि महकमे का एक अफसर
आला अफसरों की छापेमारी के बाद आज पूरे दिन जहां कार्यालयो में उपस्थिति पूरी दिखाई पड़ी वहीं, कृषि महकमे के एक अफसर गिने-चुने दिन ही दफ्तर आते हैं। मिट्टी की सेहत से जुड़े इस विभाग के अधिकारी ने पिछले कई माह में न कोई मीटिंग में शिरकत की और न कार्यालय में ही बैठे। ऐसे में समस्या लेकर पहुंचने वाले किसानों को बैरंग होकर लौट जाना पड़ता है। कार्यालय के कर्मचारियों के मुताबिक उक्त अफसर महीने में गिने-चुने दिन ही कार्यालय आते हैं लेकिन, आला अफसरों की निगाह इस महकमे की ओर नहीं पड़ रही है।
निरीक्षण में जिलाधिकारी आंद्रा वामसी को सेवायोजन कार्यालय में पसरा मिला सन्नाटा। - फोटो : REPORTERS