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मनरेगा में पकड़ी गई गड़बड़ी, कर्मचारियों समेत ग्राम प्रधान से होगी वसूली

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झांसी। मनरेगा के जरिए कराए गए काम में टीएसी ने गड़बड़ी पकड़ी है। जांच के दौरान कराए गए कार्यों में फर्जीवाड़ा पाया गया। साथ ही कार्यों में गुणवत्ता भी नहीं मिली। टीएसी ने कर्मचारियों को दोषी मानते हुए उनके साथ ही ग्राम प्रधान से तिरसठ हजार रुपये वसूली के निर्देश दिए हैं।
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मऊरानीपुर के ग्राम सभा गढ़वा में मनरेगा के जरिए कई कार्य कराए गए थे। इनमें गजराज के मकान से रोड तक रास्ता निर्माण, तालाब खोदाई कार्य पश्चिम की ओर, तालाब खोदाई कार्य दक्षिण की ओर, मिट्टी भराई कार्य, तालाब सुरक्षा पट्टी का निर्माण, तालाब के घाट का निर्माण, पंचायत भवन से प्राथमिक उपकेंद्र तक बाउंड्रीवाल का निर्माण समेत कुल आठ कार्य कराए गए। बताया जाता है कि कार्यों को कराने में जमकर मनमानी की गई। ग्रामीणों का कहना है तालाब सुरक्षा पट्टी के नाम पर कोई नहीं हुआ। सड़क निर्माण के काम में घटिया समाग्री का इस्तेमाल हुआ। घटिया तरीके से कार्यों की शिकायत होने के बाद इसकी जांच शुरू कराई गई। ग्राम्य विकास विभाग के प्रविधिक परीक्षक की ओर से जब तकनीकी जांच कराई गई तब इसमें कई गड़बड़ियां पकड़ में आईं। जांच रिपोर्ट के मुताबिक इन कार्यों को लापरवाही के साथ करने के साथ ही फर्जीवाड़ा भी किया गया। लापरवाही होने की वजह से इनमें गुणवत्ता नहीं आई। इसी तरह मापन में फर्जीवाड़ा किया गया। तकनीकी जांच में आठ कर्मचारियों समेत प्रधान को दोषी पाया। जिनको दोषी पाया गया उनमें ग्राम विकास अधिकारी हरिश्चंद्र, ग्राम पंचायत अधिकारी भगवत प्रसाद, अवर अभियंता पीके दीक्षित, डीके साहू एवं ग्राम प्रधान रामप्रसाद शामिल हैं। इन सभी से 63338 रुपये की रिकवरी करने का भी आदेश दिया गया है। उपायुक्त मनरेगा रामऔतार के मुताबिक जांच के दौरान शिकायत सही पाई गई। इस संबंध में रिकवरी केे आदेश भी जारी हो गए हैं। जल्द ही सभी से रिकवरी कराई जाएगी।
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