फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मनरेगा : घपला उजागर होने के बाद अफसरों ने दबाई फाइल

विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। मनरेगा के कार्यों में लगातार भ्रष्टाचार के मामले उजागर होने के बाद भी अफसर दोषियों को बचाने की कोशिश करते दिख रहे हैं। बामौर ब्लॉक में हाल में उजागर हुए बड़े घोटाला की गोपनीय जांच करीब एक माह पहले ही चुकी। इसमें घपले की पुष्टि भी हो गई लेकिन, अभी तक किसी भी आरोपी अफसर से स्पष्टीकरण तक तलब नहीं किया गया। बताया जा रहा दोषियों को बचाने की खातिर पूरे मामले में मनरेगा सेल ही लीपापोती करने में जुटा है।
विज्ञापन

रोजगार से सीधी जुड़ी हुई योजना के नाते सरकार मनरेगा की सख्त निगरानी रखती है लेकिन, स्थानीय स्तर पर अफसरों का ऐसा रवैया नजर नहीं आता। अब तक मनरेगा में कई गड़बड़ियां उजागर हो चुकी लेकिन, महज रिकवरी के आदेश जारी करके दोषियों को छोड़ दिया गया। बामौर ब्लॉक की कई ग्राम पंचायतों में बकरी आश्रय स्थल के नाम पर बड़ा घपला उजागर हुआ। बिना बकरी आश्रय स्थल बनवाए ही लाखों रुपये हजम कर लिए गए जबकि उपायुक्त मनरेगा के पास इसकी पूरी निगरानी थी। इसके बावजूद न सिर्फ भुगतान कर दिया गया बल्कि आला अफसरों को मामले की भनक तक लगने नहीं दी गई।
अब मामला खुलने के बाद मनरेगा सेल के अफसर इसकी लीपापोती में जुटे हैं। जांच टीम करीब एक माह पहले ही अपनी आख्या दे चुकी, उसके बावजूद अब तक आरोपियों को स्पस्टीकरण नोटिस तक नहीं दी गई। बताया जा रहा कि दोषियों को बचाने के लिए अब पूरे मामले को फाइलों में दबाने की कोशिश की जा रही है। इस मामले में ग्राम विकास अधिकारी, तकनीकी सहायक, ग्राम प्रधान से लेकर उपायुक्त मनरेगा तक की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही। वहीं, सीडीओ का कहना है दोषियों के खिलाफ निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें